
रसोई गैस के दाम में बड़ी बढ़ोतरी: घरेलू LPG सिलेंडर हुआ 60 रुपये महंगा
Domestic LPG cylinder prices in the country have increased by ₹60.
देशभर के करोड़ों परिवारों के लिए एक बार फिर महंगाई का झटका सामने आया है।
शनिवार को घरेलू रसोई गैस यानी एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में
तेज बढ़ोतरी की घोषणा की गई है। तेल विपणन कंपनियों ने 14.2 किलोग्राम के
घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये प्रति सिलेंडर की वृद्धि कर दी है।
नई कीमतें 7 मार्च से पूरे देश में लागू हो गई हैं।
इस बढ़ोतरी के पीछे मुख्य कारण पश्चिम एशिया में चल रहा तनाव और ऊर्जा
की वैश्विक कीमतों में तेजी को माना जा रहा है। तेल कंपनियों के अनुसार
अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का असर
घरेलू एलपीजी की कीमतों पर पड़ा है।
दिल्ली में सिलेंडर की नई कीमत
913 रुपये का हो गया है।
तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) की आधिकारिक वेबसाइट पर
दी गई जानकारी के अनुसार यह नई कीमत तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई है।
इसका मतलब है कि अब आम उपभोक्ताओं को अपने घरेलू गैस सिलेंडर के लिए
पहले से ज्यादा पैसा खर्च करना होगा।
देश के प्रमुख शहरों में नई कीमतें
कीमतों में बढ़ोतरी का असर देश के सभी बड़े शहरों में देखा जा रहा है।
अलग-अलग महानगरों में एलपीजी सिलेंडर की कीमतें इस प्रकार हैं:
- दिल्ली : 913 रुपये प्रति सिलेंडर
- मुंबई : 912.50 रुपये प्रति सिलेंडर
- कोलकाता : 939 रुपये प्रति सिलेंडर
- चेन्नई : 928.50 रुपये प्रति सिलेंडर
इन आंकड़ों से साफ है कि कोलकाता में गैस सिलेंडर की कीमत सबसे अधिक
हो गई है, जबकि मुंबई में कीमत थोड़ी कम है। हालांकि सभी शहरों में
कीमतों में बढ़ोतरी होने से आम जनता की जेब पर असर पड़ना तय है।
11 महीनों में दूसरी बार बढ़े दाम
गौर करने वाली बात यह है कि पिछले लगभग 11 महीनों में यह दूसरी बार है
जब घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले
अप्रैल 2025 में भी गैस सिलेंडर के दाम में
50 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी।
लगातार बढ़ती कीमतों के कारण मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों
के लिए रसोई गैस का खर्च बढ़ता जा रहा है। कई परिवार पहले ही महंगाई
के दबाव से जूझ रहे हैं और अब गैस सिलेंडर महंगा होने से उनकी चिंता
और बढ़ गई है।
उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों पर असर
सरकार की प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत
गरीब परिवारों को एलपीजी सिलेंडर पर सब्सिडी दी जाती है। हालांकि यह
बढ़ोतरी मुख्य रूप से उन उपभोक्ताओं पर लागू होगी जो
गैर-सब्सिडी वाले सिलेंडर का उपयोग करते हैं।
फिर भी कई विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक ऊर्जा कीमतें
लगातार बढ़ती रहीं तो इसका असर भविष्य में सब्सिडी व्यवस्था पर भी
पड़ सकता है।
पश्चिम एशिया संकट का असर
ऊर्जा बाजार के जानकारों के अनुसार पश्चिम एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक
तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल और गैस की कीमतों में
उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। इस क्षेत्र को दुनिया का सबसे बड़ा
ऊर्जा आपूर्ति केंद्र माना जाता है।
ऐसे में यदि वहां संघर्ष या आपूर्ति बाधित होती है तो वैश्विक बाजार
में कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा
हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले बदलाव
का असर घरेलू कीमतों पर भी पड़ता है।
आम लोगों की प्रतिक्रिया
गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर
लोगों की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कई लोगों ने इसे महंगाई का
एक और बड़ा झटका बताया, जबकि कुछ लोगों ने सरकार से राहत देने
की मांग भी की।
घरेलू बजट संभालने वाली गृहिणियों का कहना है कि पहले ही
सब्जियों, दूध और अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ चुकी हैं।
अब गैस सिलेंडर महंगा होने से रसोई का खर्च और बढ़ जाएगा।
आगे क्या हो सकता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में अंतरराष्ट्रीय
ऊर्जा बाजार की स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा। यदि वैश्विक
कीमतों में स्थिरता आती है तो घरेलू बाजार में भी राहत मिल
सकती है। लेकिन यदि तनाव जारी रहता है तो कीमतों में और
बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
फिलहाल आम उपभोक्ताओं के लिए यह खबर चिंता बढ़ाने वाली है।
घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में हुई इस नई वृद्धि ने
महंगाई के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
