PM Modi holds CCS meeting amid rising global tensions over the West Asia crisis.

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर पीएम मोदी की बड़ी बैठक
CCS मीटिंग में सुरक्षा हालात की समीक्षा, ईरान सहित कई देशों में भारतीयों को सतर्क रहने की सलाह
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने रविवार देर रात दिल्ली लौटने के तुरंत बाद एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई।
कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की इस अहम बैठक में पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते हालात पर विस्तृत चर्चा की गई।
सरकार के शीर्ष अधिकारियों, रक्षा और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति का आकलन प्रस्तुत किया।

पश्चिम एशिया के कई हिस्सों में हालिया घटनाओं के बाद हवाई क्षेत्र बंद कर दिए गए हैं।
कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द या डायवर्ट की गई हैं।
सड़क मार्ग से यात्रा भी असुरक्षित मानी जा रही है।
इन परिस्थितियों को देखते हुए भारत सरकार ने विशेष रूप से ईरान और आसपास के देशों में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए
एडवाइजरी जारी की है।
भारतीयों को क्या सलाह दी गई?
- अनावश्यक यात्रा से बचें
- स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा गाइडलाइन का पालन करें
- भारतीय दूतावास के संपर्क में रहें
- आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत संपर्क करें
विदेश मंत्रालय के अनुसार, स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
भारत के दूतावास स्थानीय सरकारों के संपर्क में हैं और किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में
भारतीयों को सुरक्षित निकालने की तैयारी रखी गई है।
हवाई क्षेत्र बंद, उड़ानों पर असर
पश्चिम एशिया के कई देशों ने अस्थायी रूप से अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है।
इसका असर भारत आने-जाने वाली उड़ानों पर भी पड़ा है।
एयरलाइंस कंपनियों ने यात्रियों को अपनी यात्रा योजनाओं की पुनः पुष्टि करने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव लंबा खिंचता है तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार,
व्यापार और प्रवासी भारतीयों की आवाजाही पर पड़ सकता है।
सरकार की प्राथमिकता: हर भारतीय सुरक्षित
CCS बैठक में प्रधानमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विदेशों में रह रहे हर भारतीय की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
आवश्यक होने पर विशेष राहत अभियान चलाने की भी तैयारी रखने को कहा गया है।
भारत पहले भी संकट की घड़ी में अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने में सफल रहा है।
चाहे वह युद्धग्रस्त क्षेत्र हों या प्राकृतिक आपदा—सरकार ने हर बार सक्रिय भूमिका निभाई है।
आगे क्या?
सरकारी सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में स्थिति के अनुसार और दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
भारतीय नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक स्रोतों से जानकारी प्राप्त करें।
पश्चिम एशिया का यह संकट केवल क्षेत्रीय मामला नहीं है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और कूटनीति पर
भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
ऐसे में भारत सरकार सतर्क, सक्रिय और तैयार दिखाई दे रही है।
सरकार का संदेश साफ है — सुरक्षा सर्वोपरि है, और हर भारतीय की रक्षा के लिए सभी कदम उठाए जाएंगे।
