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अमेरिका-इजरायल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या पर रूस-चीन का प्रबल विरोध
तेहरान/मॉस्को/बीजिंग: शनिवार की तड़के संयुक्त अमेरिका और इजरायल के विशाल सैन्य अभियान में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की पुष्टि के बाद विश्व राजनीतिक परिदृश्य में भूचाल मच गया है। इस हमले को जब से अंजाम दिया गया है, रूस और चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है और युद्ध रोकने की तत्काल माँग की है।
🛑 रूस ने कहा – “क्रूर हत्या और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन”
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस हमले की तीखी निंदा करते हुए इसे “क्रूरतापूर्ण हत्या” और “सभी मानवीय और अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का उल्लंघन” बताया है। पुतिन ने एक आधिकारिक संदेश में खामेनेई को “एक प्रमुख और सम्मानित राजनेता” बताया, जिनके योगदान को रूस कभी नहीं भूलेगा।
“सुप्रीम लीडर की हत्या मानवता और अंतरराष्ट्रीय कानून के तमाम मूल्यों का निरंतर उल्लंघन है।” – रूसी विदेश मंत्रालय बयान
रूसी विदेश मंत्रालय ने इस कार्रवाई को “राज्य-नेता को लक्षित करने वाले कायरतापूर्ण राजनैतिक हत्याकांड” भी कहा है और चेतावनी दी है कि इससे मध्य पूर्व संकट “और अधिक गहरा और अस्थिर” बन सकता है।
🇨🇳 चीन की प्रतिक्रिया – “गंभीर उल्लंघन, शांति की तत्काल मांग”
चीन ने भी अमेरिका और इजरायल पर तीखा हमला करते हुए खामेनेई की हत्या को “ईरान की संप्रभुता और सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन” कहा है। बीजिंग के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बुनियादी नियमों का उल्लंघन है।
“हम तुरंत सैन्य ऑपरेशन रोकने और क्षेत्र में शांति बहाल करने की मांग करते हैं।” – चीनी विदेश मंत्रालय
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से बात की और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में तत्काल युद्धविराम की अपील की। उनका कहना था कि इस तरह की हत्याएं “स्थानीय और वैश्विक स्थिरता को गंभीर रूप से खतरे में डाल सकती हैं।”
🌏 अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य पर प्रभाव
विश्लेषकों का मानना है कि खामेनेई की हत्या के बाद से मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच चुका है। विभिन्न देशों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जबकि अन्य सरकारें संघर्ष को बढ़ते देखकर चिंता व्यक्त कर रही हैं। विश्व समुदाय में दो धड़े उभरते जा रहे हैं — एक जहां कुछ देश अमेरिका-इजरायल कार्रवाई का समर्थन या तटस्थता जताते हैं, वहीं दूसरा धड़ा, विशेषकर रूस, चीन और कुछ मुस्लिम-अधिकारी देशों ने निंदा की है।
📌 निष्कर्ष
अमरीकी-इजरायली स्ट्राइक में अयातुल्लाह खामेनेई की हत्या ने न सिर्फ मध्य पूर्व को जोड़कर रख दिया है, बल्कि वैश्विक कूटनीति में भी विभाजन पैदा कर दिया है। रूस और चीन ने संयुक्त रूप से यह स्पष्ट कर दिया है कि वे सैन्य कार्रवाई के बजाय कूटनीति, संघर्षविराम और वार्ता के पक्षधर हैं। दुनिया भर के देशों की प्रतिक्रियाएँ अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह हमला एक बड़े युद्ध की शुरुआत है या फिर वैश्विक दवाब से शांतिमय समाधान निकलेगा।
