
ईरान युद्ध के बीच अमेरिका को उत्तर कोरिया की कड़ी चेतावनी, कहा – “परिणाम बेहद भयावह होंगे”
Amid the Iran war, North Korea has issued a strong warning to the United States.
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े सैन्य टकराव के बीच उत्तर कोरिया ने
संयुक्त राज्य अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। उत्तर कोरियाई नेतृत्व ने कहा है कि
अगर अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने सैन्य कार्रवाई जारी रखी तो इसके
“भयानक और गंभीर परिणाम” सामने आ सकते हैं।
उत्तर कोरिया की यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब अमेरिका और उसके सहयोगी
देश ईरान से जुड़े सैन्य अभियानों और सुरक्षा गतिविधियों में सक्रिय हैं।
उत्तर कोरिया ने इन कार्रवाइयों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए
इसे क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बताया है।
अमेरिका और सहयोगियों की कार्रवाई पर कड़ा विरोध
उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि अमेरिका और
इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई “गैरकानूनी आक्रामकता” है।
प्योंगयांग के अनुसार यह कदम किसी भी देश की संप्रभुता के खिलाफ है और इससे
पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ सकती है।
उत्तर कोरिया ने अमेरिका पर “हेजेमोनिक और गैंगस्टर जैसी नीति” अपनाने का आरोप लगाया
और कहा कि वाशिंगटन अपने सैन्य और राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करके
दूसरे देशों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।

किम जोंग उन का सख्त बयान
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने भी इस मुद्दे पर बयान देते हुए कहा कि
उनका देश युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो वह किसी भी टकराव से
पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि दुनिया आज “ताकत की राजनीति” से चल रही है
और जो देश अपनी सुरक्षा मजबूत नहीं करते, वे खतरे में पड़ सकते हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि किम जोंग उन इस संकट का इस्तेमाल अपने परमाणु
कार्यक्रम को सही ठहराने के लिए भी कर सकते हैं। उनका कहना है कि
मजबूत सैन्य शक्ति ही किसी देश की सुरक्षा की सबसे बड़ी गारंटी होती है।
अमेरिका-दक्षिण कोरिया सैन्य अभ्यास से बढ़ा तनाव
इसी बीच अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच चल रहे संयुक्त सैन्य अभ्यास
ने भी उत्तर कोरिया को नाराज कर दिया है। प्योंगयांग का कहना है कि
ये सैन्य अभ्यास दरअसल युद्ध की तैयारी है और इससे क्षेत्र में तनाव
और बढ़ सकता है।
उत्तर कोरिया की नेता किम यो जोंग ने चेतावनी देते हुए कहा कि
यदि देश की सुरक्षा को किसी भी तरह से खतरा पहुंचा तो उसके परिणाम
बहुत गंभीर होंगे। उन्होंने कहा कि इस तरह की सैन्य गतिविधियां
पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र की स्थिरता के लिए खतरा बन सकती हैं।
ईरान और उत्तर कोरिया के संबंध
ईरान और उत्तर कोरिया के बीच लंबे समय से रणनीतिक और राजनीतिक
संबंध रहे हैं। कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है
कि दोनों देशों के बीच मिसाइल और रक्षा तकनीक के क्षेत्र में सहयोग रहा है।
इसी वजह से जब ईरान पर सैन्य दबाव बढ़ता है, तो उत्तर कोरिया अक्सर
उसका समर्थन करता हुआ दिखाई देता है। विशेषज्ञों का कहना है कि
उत्तर कोरिया इस मुद्दे को अमेरिका के खिलाफ अपने राजनीतिक
संदेश के रूप में भी इस्तेमाल करता है।

वैश्विक राजनीति पर पड़ सकता है असर
ईरान से जुड़े संघर्ष और उत्तर कोरिया की चेतावनी के कारण
वैश्विक राजनीति में तनाव और बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका, ईरान और उनके सहयोगी
देशों के बीच टकराव बढ़ता है तो इसका असर एशिया, यूरोप और
मध्य पूर्व सहित पूरी दुनिया पर पड़ सकता है।
दुनिया के कई देश इस स्थिति को लेकर चिंता जता चुके हैं और
राजनयिक समाधान की अपील कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र और अन्य
अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी सभी पक्षों से संयम बरतने और
संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।
क्या बढ़ सकता है वैश्विक युद्ध का खतरा?
अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञों का कहना है कि अगर
मध्य पूर्व में संघर्ष और बढ़ता है और इसमें अन्य शक्तिशाली देश
शामिल हो जाते हैं, तो यह स्थिति वैश्विक संकट का रूप ले सकती है।
हालांकि कई विश्लेषकों का यह भी मानना है कि कड़े बयानों के बावजूद
अक्सर बड़े देश सीधे युद्ध से बचने की कोशिश करते हैं और
राजनयिक रास्ते तलाशते हैं।
निष्कर्ष
ईरान से जुड़े संकट के बीच उत्तर कोरिया द्वारा अमेरिका को दी गई
चेतावनी ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नया तनाव पैदा कर दिया है।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या यह विवाद
राजनयिक बातचीत से सुलझता है या फिर वैश्विक स्तर पर
तनाव और बढ़ता है।
फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें अमेरिका, ईरान और उत्तर कोरिया की
आगामी रणनीति पर टिकी हुई हैं।
