Super Sanju Shines at Eden, India Reach Semifinals with a 97-Run Masterclass

ईडन में ‘सुपर’ संजू का जलवा, वेस्टइंडीज पर भारत की रोमांचक जीत
कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स में क्रिकेट का रोमांच अपने चरम पर था। भारतीय कप्तान ने टॉस जीतकर वेस्टइंडीज को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया। पिच बल्लेबाजों के लिए अनुकूल थी और कैरेबियाई टीम ने इसका भरपूर फायदा उठाया। हालांकि एक छोर से जसप्रीत बुमराह लगातार दबाव बनाए हुए थे, लेकिन भारतीय फील्डिंग ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया।
फील्डिंग में चूक, वेस्टइंडीज का बड़ा स्कोर
मैच की शुरुआत में ही भारत को रनआउट का सुनहरा मौका मिला, लेकिन वरुण चक्रवर्ती ने वह अवसर गंवा दिया। इसके बाद अभिषेक शर्मा ने रॉस्टन चेज का आसान कैच छोड़ दिया। यही नहीं, उन्होंने एक और कैच टपकाकर टीम को मुश्किल में डाल दिया।
शुरुआत में शाई होप और रॉस्टन चेज ने ठोस बल्लेबाजी करते हुए टीम को मजबूत आधार दिया। बाद में रोवमैन पॉवेल और जेसन होल्डर ने आक्रामक अंदाज में रन बटोरे। अर्शदीप सिंह और हार्दिक पांड्या महंगे साबित हुए। बुमराह ने दो महत्वपूर्ण विकेट जरूर झटके, लेकिन वेस्टइंडीज की पारी 20 ओवर में 195 रन पर जाकर रुकी।
क्या 196 का लक्ष्य आसान था?
ईडन की पिच पर 196 रन असंभव नहीं थे, लेकिन विश्व कप का दबाव अलग ही होता है। भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही। 29 रन के भीतर अभिषेक शर्मा आउट हो गए। इसके बाद ईशान किशन (10) और सूर्यकुमार यादव (18) भी बड़ी पारी नहीं खेल सके।
एक समय ऐसा लग रहा था कि मैच भारत के हाथ से फिसल सकता है। लेकिन डगआउट में बैठे संजू सैमसन शायद मन ही मन कुछ और ठान चुके थे। मैदान पर उतरते ही उन्होंने अलग ही आत्मविश्वास दिखाया।
‘सुपर’ संजू का क्लास और टाइमिंग
संजू ने शुरुआत से ही साफ कर दिया कि वह दबाव में नहीं खेलने वाले। उन्होंने बेवजह बड़े शॉट लगाने की कोशिश नहीं की, बल्कि बेहतरीन टाइमिंग और क्लास के साथ रन बनाए। टी-20 में सिर्फ ताकत नहीं, तकनीक और संयम भी जीत दिला सकता है—यह उन्होंने साबित कर दिया।
मिडिल ओवरों में तिलक वर्मा ने 15 गेंदों में 27 रन बनाकर मैच का रुख मोड़ा। नई पोजीशन पर खेलते हुए उन्होंने अहम योगदान दिया। हालांकि हार्दिक पांड्या एक जीवनदान मिलने के बावजूद मैच खत्म नहीं कर सके।
लेकिन उस रात ईडन में सिर्फ एक ही नाम गूंज रहा था—संजू! उन्होंने 97 रनों की शानदार पारी खेली। शतक भले ही न बना हो, लेकिन यह पारी किसी शतक से कम नहीं थी। उनकी बल्लेबाजी देख कई फैंस को ‘चेज मास्टर’ विराट कोहली की याद आ गई। इतना ही नहीं, संजू ने टी-20 विश्व कप में रन चेज करते हुए भारतीयों के बीच एक नया रिकॉर्ड भी बना डाला।
ईडन में स्टैंडिंग ओवेशन
जैसे ही जीत का रन बना, पूरा ईडन गार्डन्स खड़ा हो गया। दर्शकों ने संजू को स्टैंडिंग ओवेशन दिया। यह सिर्फ एक जीत नहीं थी, बल्कि आलोचनाओं और उपेक्षा का जवाब भी था। संजू ने दिखा दिया कि बड़े मंच पर वही खिलाड़ी चमकता है, जिसके भीतर खुद को साबित करने की आग हो।
अब नजर सेमीफाइनल पर
अब टीम इंडिया का अगला मुकाबला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में होगा। टीम को अपनी फील्डिंग में सुधार करना होगा। कोच गौतम गंभीर के लिए यह सोचने का विषय है कि नॉकआउट मुकाबले में ऐसी गलतियों की गुंजाइश नहीं होती।
लेकिन अगर संजू सैमसन का बल्ला इसी तरह चलता रहा, तो भारत एक बार फिर खिताब की ओर मजबूती से कदम बढ़ा सकता है। इस जीत ने साबित कर दिया कि क्रिकेट सिर्फ ताकत का खेल नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, धैर्य और जज्बे की भी परीक्षा है।
ईडन की रात ने एक नया सितारा गढ़ दिया—‘सुपर’ संजू!
