
बर्द्धमान रेलवे स्टेशन पर बड़ा हादसा: बिजली का काम करते समय कर्मचारी ऊपर से गिरा, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
बर्द्धमान, 8 मार्च 2026: पश्चिम बंगाल के व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से एक बर्द्धमान रेलवे स्टेशन पर शनिवार को एक गंभीर हादसा सामने आया। स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 और 7 के बीच बिजली के तारों का काम कर रहे एक कर्मचारी अचानक ऊपर से नीचे गिर गए, जिससे स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और दैनिक यात्रियों में हड़कंप मच गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह घटना उस जगह हुई जहां प्लेटफॉर्म 6 और 7 के दोनों ओर मूविंग एस्केलेटर लगे हुए हैं। कर्मचारी ऊपर बिजली की लाइन में काम कर रहे थे, तभी अचानक संतुलन बिगड़ने से वे नीचे प्लेटफॉर्म के पास गिर पड़े।
सुरक्षा उपकरण के बिना कर रहे थे काम
प्रत्यक्षदर्शियों और दैनिक यात्रियों ने बताया कि जब कर्मचारी बिजली के काम के लिए ऊपर चढ़े थे, उस समय उनके पास कोई भी सुरक्षा हेलमेट या अन्य सुरक्षा उपकरण मौजूद नहीं था। रेलवे के तकनीकी कार्यों में सामान्यतः हेलमेट, सुरक्षा बेल्ट और अन्य सुरक्षा उपकरणों का उपयोग अनिवार्य माना जाता है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं देखा गया।
यात्रियों का कहना है कि इस तरह के खतरनाक काम के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन न होना बेहद चिंता का विषय है। अगर कर्मचारी के पास हेलमेट या अन्य सुरक्षा उपकरण होते, तो संभव है कि उन्हें इतनी गंभीर चोट न लगती।
गिरते ही फट गया सिर, शरीर के कई हिस्सों में लगी चोट
ऊपर से गिरने के बाद कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गिरते ही उनके सिर में गंभीर चोट लगी और सिर से खून निकलने लगा। इसके अलावा उनके शरीर के कई हिस्सों में भी चोट आई।
घटना के बाद कुछ समय के लिए प्लेटफॉर्म पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। आसपास मौजूद यात्रियों और दैनिक यात्रियों ने तुरंत घायल व्यक्ति की मदद करने की कोशिश की।
करीब 10 मिनट तक प्लेटफॉर्म पर पड़े रहे घायल
सबसे चिंताजनक बात यह रही कि हादसे के बाद घायल कर्मचारी लगभग 10 मिनट तक प्लेटफॉर्म पर ही पड़े रहे। इस दौरान दैनिक यात्रियों ने कई बार रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को आवाज लगाई और मदद के लिए बुलाया।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इतनी गंभीर स्थिति होने के बावजूद तुरंत बचाव टीम नहीं पहुंची, जिससे लोगों में नाराजगी देखने को मिली।
RPF पहुंची और स्ट्रेचर पर अस्पताल ले जाया गया
करीब 10 मिनट बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और तुरंत स्ट्रेचर की व्यवस्था की। इसके बाद घायल कर्मचारी को स्ट्रेचर पर उठाकर स्टेशन से बाहर ले जाया गया और इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया।
हालांकि कर्मचारी की हालत कितनी गंभीर है, इस बारे में अभी तक आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
रेलवे प्रशासन पर उठे कई सवाल
इस घटना के बाद रेलवे प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल उठने लगे हैं। यात्रियों का कहना है कि जब स्टेशन पर इतने खतरनाक तकनीकी काम किए जाते हैं, तो कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए जाते।
इसके अलावा हादसे के बाद बचाव टीम के पहुंचने में हुई देरी को लेकर भी लोगों ने नाराजगी जाहिर की।
दैनिक यात्रियों का कहना है कि अगर किसी आपात स्थिति में रेलवे की टीम समय पर नहीं पहुंचेगी, तो इससे किसी की जान भी जा सकती है।

दैनिक यात्रियों ने की जांच की मांग
घटना के बाद कई दैनिक यात्रियों और स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन से इस मामले की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि कर्मचारी बिना सुरक्षा उपकरण के कैसे काम कर रहे थे और हादसे के बाद बचाव कार्य में इतनी देरी क्यों हुई।
लोगों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं से सबक लेकर रेलवे को अपने सुरक्षा प्रोटोकॉल को और मजबूत करना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएं न हों।
फिलहाल रेलवे प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन यात्रियों और स्थानीय लोगों की मांग है कि इस घटना की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
