कोलकाता में पीएससी भवन के सामने प्रदर्शन, विभिन्न मांगों को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन

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कोलकाता, प्रतिनिधि: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में राज्य लोक सेवा आयोग (PSC) भवन के सामने शुक्रवार को बड़ी संख्या में नौकरी अभ्यर्थियों और परीक्षार्थियों ने विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। सुबह से ही सैकड़ों की संख्या में युवक-युवतियां पीएससी कार्यालय के सामने एकत्रित हुए और हाथों में प्लेकार्ड लेकर भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने, नियुक्ति में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा लंबित परीक्षाओं के परिणाम शीघ्र घोषित करने की मांग को लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि लंबे समय से विभिन्न सरकारी पदों की भर्ती प्रक्रिया अधूरी पड़ी है, जिससे हजारों योग्य उम्मीदवारों का भविष्य अनिश्चितता में पड़ गया है। आंदोलनकारियों ने कहा कि कई विभागों में रिक्त पद होने के बावजूद नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं की जा रही है तथा परीक्षा आयोजित होने के बाद भी परिणाम घोषित करने में अत्यधिक देरी की जा रही है, जिससे उम्मीदवारों को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन भर्ती प्रक्रिया की धीमी गति और प्रशासनिक जटिलताओं के कारण उनका करियर प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों को कई बार ज्ञापन सौंपने और अपनी समस्याओं से अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिसके कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करेंगे और राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन करेंगे।
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करना, नियुक्ति की स्पष्ट समय-सीमा तय करना तथा परीक्षा से लेकर परिणाम और नियुक्ति तक की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करना शामिल है। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए ताकि योग्य उम्मीदवारों को उनका अधिकार मिल सके। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं, जिससे अभ्यर्थियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। उन्होंने मांग की कि सरकार इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर युवाओं की समस्याओं का समाधान करे।
इस प्रदर्शन को विभिन्न छात्र संगठनों और बेरोजगार युवाओं के समूहों का भी समर्थन मिला। प्रदर्शन के दौरान कई छात्र नेताओं ने संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस मुद्दे पर किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में बढ़ती बेरोजगारी एक गंभीर समस्या बन चुकी है और यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
पीएससी भवन के सामने बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने के कारण प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की तथा किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सतर्कता बरती। प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ, हालांकि बाद में पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर यातायात सामान्य कर दिया। प्रशासन के अनुसार प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और किसी प्रकार की हिंसक घटना की सूचना नहीं मिली।
उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में सरकारी भर्ती और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर पिछले कुछ समय से लगातार विरोध प्रदर्शन होते रहे हैं। नौकरी अभ्यर्थियों का कहना है कि विभिन्न परीक्षाओं की प्रक्रिया में देरी और प्रशासनिक जटिलताओं के कारण युवाओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई उम्मीदवारों ने अपनी आयु सीमा समाप्त होने की चिंता भी व्यक्त की और कहा कि समय पर नियुक्ति न होने के कारण उनका भविष्य अधर में लटक गया है।
हालांकि इस मामले में संबंधित अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि प्रदर्शनकारियों की मांगों पर विचार किया जाएगा और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मामलों की समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि नियमों के अनुसार उचित कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल पीएससी भवन के सामने हुआ यह प्रदर्शन राज्य में बढ़ती बेरोजगारी और भर्ती प्रक्रिया में देरी को लेकर युवाओं के असंतोष को दर्शाता है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार और संबंधित अधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और आंदोलनकारियों की मांगों का समाधान किस प्रकार किया जाता है।