
Cycle Distribution Under the 12th Phase of Sabuj Sathi Scheme in Jamalpur Block
जमालपुर ब्लॉक में सबुज साथी योजना के द्वादश चरण में साइकिल वितरण
छात्र-छात्राओं के चेहरे पर मुस्कान, शिक्षा की राह हुई आसान
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा शुरू की गई महत्वाकांक्षी
सबुज साथी योजना के द्वादश चरण के तहत पूरे राज्य में साइकिल वितरण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में आज जमालपुर ब्लॉक के जमालपुर उच्च विद्यालय में एक गरिमामय कार्यक्रम के माध्यम से
छात्र-छात्राओं को साइकिलें प्रदान की गईं।
कार्यक्रम का आयोजन बेहद उत्साह और उमंग के साथ किया गया। विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों और
अभिभावकों की उपस्थिति से वातावरण उत्सव जैसा हो गया। मंच पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और
प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया।
इन गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर तृणमूल कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष एवं पंचायत समिति के पूर्त कर्माध्यक्ष
मेहेमुद खान, पंचायत समिति की अध्यक्ष पूर्णिमा मलिक,
उपाध्यक्ष भूतनाथ मलिक, ज्वाइंट बीडीओ रुद्रेंदु नंदी,
जिला परिषद सदस्य कल्पना सांत्रा, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष
अंजन मुखर्जी, आईएमडब्ल्यू शुभाशीष बनर्जी,
सबुज साथी परियोजना के प्रभारी सैकत बाबू,
विद्यालय के प्रभारी प्रधान शिक्षक प्रवीर नायक,
शिक्षक पीयूष दास सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
गरीब विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित हो रही योजना
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मेहेमुद खान ने कहा कि
सबुज साथी योजना ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी सौगात है।
उन्होंने बताया कि कई ऐसे छात्र-छात्राएं हैं जिनके पास साइकिल खरीदने की आर्थिक क्षमता नहीं होती।
ऐसे में सरकार द्वारा मुफ्त साइकिल उपलब्ध कराए जाने से उनकी पढ़ाई में आने वाली
परिवहन संबंधी बाधाएं दूर हो रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री का उद्देश्य है कि राज्य का कोई भी विद्यार्थी
सिर्फ दूरी या आर्थिक तंगी के कारण स्कूल जाने से वंचित न रहे।
यह योजना छात्रों को नियमित रूप से विद्यालय आने के लिए प्रेरित कर रही है।
ड्रॉपआउट दर में आ रही कमी
भूतनाथ मलिक ने अपने संबोधन में कहा कि
सबुज साथी योजना मुख्यमंत्री का एक स्वप्न परियोजना है,
जिसका मुख्य उद्देश्य स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या को कम करना है।
उन्होंने बताया कि इस योजना के शुरू होने के बाद से ग्रामीण क्षेत्रों में
ड्रॉपआउट दर में उल्लेखनीय कमी आई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब विद्यार्थियों को विद्यालय तक पहुंचने के लिए
सुरक्षित और सुविधाजनक साधन मिलता है, तो उनकी उपस्थिति दर स्वतः बढ़ जाती है।
साइकिल मिलने से छात्रों का आत्मविश्वास भी बढ़ता है और वे समय पर स्कूल पहुंच पाते हैं।
छात्रों में दिखा उत्साह
साइकिल पाकर विद्यार्थियों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी।
कई छात्राओं ने बताया कि अब उन्हें लंबी दूरी पैदल तय नहीं करनी पड़ेगी।
इससे उनका समय बचेगा और वे पढ़ाई पर अधिक ध्यान दे सकेंगी।
अभिभावकों ने भी राज्य सरकार की इस पहल की सराहना की और कहा कि यह योजना
वास्तव में ग्रामीण समाज के लिए एक सकारात्मक बदलाव लेकर आई है।
शिक्षा की दिशा में मजबूत कदम
राज्य सरकार की यह पहल न केवल शिक्षा को बढ़ावा दे रही है,
बल्कि सामाजिक समानता की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
सबुज साथी योजना के माध्यम से हजारों विद्यार्थियों का भविष्य नई दिशा पा रहा है।
जमालपुर ब्लॉक में आयोजित यह कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि
सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और हर बच्चे तक
सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
