राष्ट्रीय राजमार्ग धंसने के विरोध में तृणमूल कांग्रेस का सड़क अवरोध

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TMC highway protest Jamalpur began after a section of National Highway 19 collapsed in Purba Bardhaman district of West Bengal.

पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान जिले में हाल ही में बने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 19 का एक हिस्सा अचानक धंस जाने की घटना ने इलाके में चिंता और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। मेमारी थाना क्षेत्र के अंतर्गत सरडांगा के पास स्थित इस राष्ट्रीय राजमार्ग का एक भाग अचानक टूटकर नीचे धंस गया। हालांकि सौभाग्य से उस समय सड़क पर कोई वाहन मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई।

स्थानीय लोगों के अनुसार यदि उस समय कोई बस, ट्रक या अन्य वाहन उस रास्ते से गुजर रहा होता तो गंभीर हादसा हो सकता था और कई लोगों की जान भी जा सकती थी। इस घटना के बाद आसपास के इलाके में काफी चिंता का माहौल बन गया और सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर कई सवाल उठने लगे।

इस घटना के विरोध में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी के निर्देश पर जमालपुर ब्लॉक तृणमूल कांग्रेस की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 19 को कुछ समय के लिए अवरुद्ध किया गया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक सड़क पर बैठकर विरोध जताने लगे।

इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व जमालपुर ब्लॉक तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष मेहमूद खान ने किया। उनके साथ पार्टी के कई अन्य नेता और पदाधिकारी भी मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान बर्धमान और कोलकाता की ओर जाने वाली दोनों दिशाओं की सड़क को अवरुद्ध कर दिया गया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह सड़क इलाके के लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस राष्ट्रीय राजमार्ग से हर दिन हजारों वाहन गुजरते हैं और यह मार्ग व्यापार, परिवहन और आम लोगों की आवाजाही के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।

 

प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया गया है, जिसके कारण सड़क का एक हिस्सा इतनी जल्दी धंस गया। उनका कहना था कि यदि निर्माण कार्य सही तरीके से किया जाता तो इस तरह की घटना नहीं होती।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में इस तरह की लापरवाही बेहद चिंताजनक है। उनका कहना था कि जनता के पैसों से बनने वाली सड़क यदि कुछ ही समय में टूट जाए तो यह प्रशासन और निर्माण एजेंसियों की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करता है।

जमालपुर ब्लॉक तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष मेहमूद खान ने कहा कि इस सड़क से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं और यह मार्ग आम लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में लापरवाही के कारण ही यह घटना हुई है।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि घटना के समय सड़क पर भारी वाहन गुजर रहे होते तो एक बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले में जवाब मांगा और कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।

उन्होंने मांग की कि जिस ठेकेदार कंपनी ने इस सड़क का निर्माण किया है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए और यदि निर्माण में गड़बड़ी पाई जाती है तो उस कंपनी का लाइसेंस रद्द किया जाना चाहिए।

इस विरोध प्रदर्शन में तृणमूल कांग्रेस के कई अन्य नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद थे। इनमें पार्टी के सह अध्यक्ष भूतनाथ मलिक, जिला एसटी सेल के अध्यक्ष तारक टुडू, युवा अध्यक्ष उत्तम हाजारी, श्रमिक संगठन के अध्यक्ष ताबारक अली मंडल, पंचायत समिति की अध्यक्ष पूर्णिमा मलिक, महिला नेता कल्पना सांत्रा, छात्र परिषद के अध्यक्ष बिट्टू मलिक और अल्पसंख्यक सेल के अध्यक्ष वासिम सरकार सहित कई अन्य नेता शामिल थे।

प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने सड़क निर्माण में कथित अनियमितताओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि समय रहते इस मामले की जांच नहीं की गई तो भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा हो सकती हैं।

श्रमिक संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष ताबारक अली मंडल ने भी इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि निम्न गुणवत्ता की सामग्री से सड़क बनाकर आम लोगों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता इस तरह की लापरवाही को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी।

इस बीच प्रदर्शन स्थल पर पुलिस भी मौजूद रही। जमालपुर थाना के प्रभारी अधिकारी कृपा सिंधु घोष के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित रखने की कोशिश की गई।

कुछ समय तक सड़क पर धरना और विरोध प्रदर्शन जारी रहा। बाद में प्रशासन के साथ बातचीत के बाद प्रदर्शनकारियों ने सड़क अवरोध हटा लिया। इसके बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य हो गया और राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई।

इस घटना ने एक बार फिर देश में सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर बहस शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नई बनी सड़क इतनी जल्दी धंस सकती है तो यह बेहद गंभीर मामला है।

लोगों ने मांग की है कि सरकार इस मामले की निष्पक्ष जांच कराए और यदि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

फिलहाल इस घटना के बाद इलाके में राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है और सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन और सरकार इस मामले में आगे क्या कदम उठाती है।