कोलकाता न्यूटाउन में पानी से फैली बीमारी, शापूरजी सुखाबृष्टि के कई निवासी बीमार

New Town Kolkata Water Crisis के तहत कोलकाता के न्यूटाउन स्थित शापूरजी सुखाबृष्टि आवासीय परिसर में कथित दूषित पेयजल पीने से बच्चों और बुजुर्गों समेत कई निवासी बीमार पड़ गए हैं।

कोलकाता, 18 फरवरी 2026: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से सटे न्यूटाउन क्षेत्र के एक बड़े आवासीय परिसर में कथित रूप से दूषित पेयजल पीने से बच्चों और बुजुर्गों सहित कई निवासी बीमार पड़ गए हैं। घटना सामने आने के बाद न्यूटाउन कोलकाता डेवलपमेंट अथॉरिटी (NKDA) ने मामले की जांच शुरू कर दी है और प्रभावित लोगों के लिए चिकित्सा शिविर लगाया गया है। स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं तथा जल आपूर्ति प्रणाली की गुणवत्ता की जांच की जा रही है।

यह मामला न्यूटाउन स्थित शापूरजी सुखाबृष्टि आवासीय परिसर के ई-ब्लॉक में सामने आया है, जहां पिछले कुछ दिनों से बड़ी संख्या में लोगों ने उल्टी, बुखार, पेट दर्द, दस्त और बदन दर्द जैसी स्वास्थ्य समस्याओं की शिकायत की है। प्रशासन के अनुसार, जल आपूर्ति से संबंधित नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शापूरजी सुखाबृष्टि आवासीय परिसर के 522 टावरों वाले ई-ब्लॉक में रहने वाले कई परिवारों के सदस्य अचानक बीमार पड़ने लगे। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि परिसर में सप्लाई होने वाला पेयजल दूषित था, जिसे पीने के बाद बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत बिगड़ गई। खास तौर पर बच्चों और बुजुर्गों में बीमारी के लक्षण अधिक देखे गए, जिससे पूरे इलाके में चिंता का माहौल बन गया।

निवासियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से पानी का स्वाद और रंग सामान्य नहीं था। शुरुआत में लोगों ने इसे मामूली समस्या समझकर नजरअंदाज कर दिया, लेकिन जब कई घरों के सदस्य एक साथ बीमार होने लगे तो लोगों को पानी की गुणवत्ता पर संदेह हुआ। कई लोगों को तेज बुखार, उल्टी और पेट से संबंधित संक्रमण की शिकायत के कारण निजी अस्पतालों और स्थानीय क्लीनिकों में इलाज कराना पड़ा।

एक स्थानीय निवासी ने बताया कि परिसर में रहने वाले कई परिवारों के सदस्य अचानक बीमार पड़ने लगे, जिसके बाद निवासियों ने प्रबंधन और प्रशासन को इसकी सूचना दी। इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यूटाउन कोलकाता डेवलपमेंट अथॉरिटी (NKDA) ने तुरंत जांच शुरू कर दी। अधिकारियों के अनुसार, जल आपूर्ति प्रणाली की पूरी तरह जांच की जा रही है। पाइपलाइन, जल भंडारण टैंक और जल शुद्धिकरण व्यवस्था की जांच कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पानी दूषित कैसे हुआ।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पानी के नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं और रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में जल आपूर्ति में लापरवाही या तकनीकी खामी पाई जाती है तो जिम्मेदार एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो इसके लिए जल आपूर्ति प्रणाली की निगरानी और मजबूत की जाएगी।

बीमार पड़े लोगों को तत्काल राहत देने के लिए प्रशासन की ओर से आवासीय परिसर में चिकित्सा शिविर लगाया गया है। डॉक्टरों की टीम प्रभावित लोगों की स्वास्थ्य जांच कर रही है और आवश्यक दवाएं वितरित की जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अधिकांश मरीजों में पानी से होने वाले संक्रमण या फूड पॉइजनिंग जैसे लक्षण पाए गए हैं।

हालांकि प्रशासन ने बताया कि फिलहाल किसी भी मरीज की स्थिति गंभीर नहीं है और सभी प्रभावित लोगों का इलाज जारी है। डॉक्टरों ने लोगों को फिलहाल उबला हुआ पानी पीने और स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी है। साथ ही, किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करने को कहा गया है।

इस घटना के बाद न्यूटाउन क्षेत्र की जल आपूर्ति व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़े आवासीय परिसरों में नियमित रूप से पानी की गुणवत्ता की जांच होनी चाहिए ताकि इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि दूषित पानी के कारण गैस्ट्रोएंटेराइटिस, टाइफाइड और अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए जल शुद्धिकरण और वितरण प्रणाली की नियमित निगरानी अत्यंत आवश्यक है।

सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, तेजी से बढ़ते शहरीकरण और बड़ी आवासीय परियोजनाओं में बुनियादी सुविधाओं की नियमित जांच नहीं होने से इस तरह की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि जल भंडारण टैंक की सफाई, पाइपलाइन की मरम्मत और जल गुणवत्ता परीक्षण समय-समय पर किया जाना चाहिए।

प्रशासन ने निवासियों से घबराने की बजाय सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि जल आपूर्ति की गुणवत्ता की जांच जारी है और समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही, लोगों से कहा गया है कि वे फिलहाल पानी को उबालकर उपयोग करें और किसी भी असामान्य लक्षण की सूचना तुरंत स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र को दें।

देश के विभिन्न हिस्सों में दूषित पेयजल के कारण लोगों के बीमार पड़ने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि शहरी क्षेत्रों में बढ़ती आबादी और बुनियादी ढांचे पर बढ़ते दबाव के कारण जल प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर शहरी जल प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने और स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता को उजागर किया है।

फिलहाल प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही समस्या का स्थायी समाधान करेगा और सुरक्षित जल आपूर्ति सुनिश्चित करेगा।

न्यूटाउन कोलकाता के शापूरजी सुखाबृष्टि आवासीय परिसर में दूषित पेयजल से लोगों के बीमार पड़ने की यह घटना स्वास्थ्य सुरक्षा और जल प्रबंधन व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता का विषय बन गई है। प्रशासन की ओर से जांच और चिकित्सा सहायता शुरू कर दी गई है, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए ठोस और दीर्घकालिक उपाय करना आवश्यक है। जल आपूर्ति प्रणाली की नियमित निगरानी, स्वच्छता और सार्वजनिक जागरूकता ही इस प्रकार की समस्याओं से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय माना जा रहा है।