जामालपुर में कोल्ड स्टोरेज मालिकों के साथ बैठक करने पहुंचे पंचायत मंत्री प्रदीप मजूमदार

Jamalpur Potato Meeting: A meeting with cold storage owners was held in Jamalpur of Purba Bardhaman to review potato storage and farmers’ issues.

पूर्व बर्धमान जिले के जामालपुर में आलू को लेकर उत्पन्न स्थिति और किसानों की समस्याओं को देखते हुए प्रशासन ने कोल्ड स्टोरेज मालिकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रदीप मजूमदार स्वयं उपस्थित रहे और पूरे मामले की स्थिति का जायजा लिया। बैठक जामालपुर ब्लॉक कार्यालय में आयोजित की गई, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों, कोल्ड स्टोरेज मालिकों और संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

दरअसल, राज्य की मुख्यमंत्री पहले ही घोषणा कर चुकी हैं कि राज्य सरकार किसानों से आलू खरीदेगी और किसानों को राहत देने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। लेकिन अभी तक राज्य के सभी ब्लॉकों में आलू खरीद की प्रक्रिया पूरी तरह से शुरू नहीं हो पाई है। इसके कारण कई स्थानों पर किसानों के बीच नाराजगी और असंतोष देखने को मिल रहा है। किसान यह चाहते हैं कि सरकार जल्द से जल्द आलू खरीद की प्रक्रिया शुरू करे ताकि उन्हें उचित मूल्य मिल सके।

इसी परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए हाल ही में नबान्न में कोल्ड स्टोरेज मालिकों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। उस बैठक में राज्य सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया था कि किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा और आलू को सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित किया जाएगा।

नबान्न की बैठक के बाद प्रशासन ने जिला और ब्लॉक स्तर पर भी स्थिति की समीक्षा शुरू कर दी है। इसी क्रम में पूर्व बर्धमान जिले के जामालपुर ब्लॉक कार्यालय में कोल्ड स्टोरेज मालिकों और उनके प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसानों को अपने आलू को कोल्ड स्टोरेज में रखने में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।

बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रदीप मजूमदार के अलावा कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। इनमें बर्धमान सदर दक्षिण के महकमा शासक बुद्धदेव पान, पुलिस के सीआई स्नेहमय चक्रवर्ती, पंचायत समिति के सह-सभापति भूतनाथ मालिक, बीडीओ पार्थ सारथि दे, पूर्त कर्माध्यक्ष मेहमुद खान, असिस्टेंट डायरेक्टर मार्केटिंग साबिर अली, डीडीएडब्ल्यूबी पूर्व बर्धमान के सजल घोष, ब्लॉक कृषि अधिकारी बिपाशा बसु, जामालपुर थाना के प्रभारी अधिकारी कृपा सिंधु घोष तथा कृषि कर्माध्यक्ष जयदेव दास सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक के दौरान कोल्ड स्टोरेज मालिकों के साथ विस्तृत चर्चा की गई और उनसे वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी ली गई। प्रशासन ने यह जानने की कोशिश की कि किसानों के आलू को कोल्ड स्टोरेज में रखने की व्यवस्था किस प्रकार से की जा रही है और इसमें किन-किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

पंचायत मंत्री प्रदीप मजूमदार ने इस दौरान कहा कि इस वर्ष राज्य में आलू का उत्पादन काफी अधिक हुआ है। इसके कारण किसानों को अपने उत्पाद को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है और मुख्यमंत्री स्वयं इस पूरे मामले की निगरानी कर रही हैं।

मंत्री ने बताया कि नबान्न में कोल्ड स्टोरेज मालिकों के साथ हुई बैठक के बाद सरकार ने आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं और अब ब्लॉक स्तर पर भी उन निर्देशों को लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

प्रदीप मजूमदार ने यह भी जानकारी दी कि आने वाले सोमवार से किसान अपने आलू को कोल्ड स्टोरेज में रख सकेंगे। इसके लिए प्रत्येक किसान को लगभग 70 बोरी आलू रखने के लिए टोकन दिया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अधिक से अधिक किसानों को कोल्ड स्टोरेज की सुविधा मिल सके और किसी भी किसान को नुकसान न उठाना पड़े।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और मुख्यमंत्री हमेशा किसानों के साथ खड़े रहे हैं और आगे भी किसानों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। किसानों को उचित मूल्य दिलाने और उनकी उपज को सुरक्षित रखने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।

बैठक के दौरान मंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को भी आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जामालपुर क्षेत्र में आलू को लेकर जो भी स्थिति है, उसे गंभीरता से देखा जाए और किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत समाधान किया जाए।

मंत्री ने विशेष रूप से पूर्त कर्माध्यक्ष मेहमुद खान को निर्देश देते हुए कहा कि वे जामालपुर क्षेत्र में आलू की स्थिति और कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था पर विशेष नजर रखें। यदि कहीं भी कोई समस्या सामने आती है तो उसे तुरंत प्रशासन के ध्यान में लाया जाए और उसका समाधान किया जाए।

बैठक के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने भी कोल्ड स्टोरेज मालिकों से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में सभी को मिलकर काम करना होगा ताकि राज्य में कृषि व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे।

स्थानीय किसानों ने भी इस बैठक को सकारात्मक कदम बताया है। उनका कहना है कि यदि सरकार की ओर से घोषित व्यवस्था सही तरीके से लागू होती है तो उन्हें काफी राहत मिलेगी और वे अपने आलू को सुरक्षित रूप से कोल्ड स्टोरेज में रख सकेंगे।

जामालपुर और आसपास के क्षेत्रों में आलू की खेती बड़ी मात्रा में होती है और यहां के किसान काफी हद तक इस फसल पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यदि समय पर आलू को कोल्ड स्टोरेज में रखा जा सके तो किसानों को बाजार में बेहतर दाम मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

प्रशासन का कहना है कि आने वाले दिनों में इस व्यवस्था की लगातार निगरानी की जाएगी और यदि कहीं भी कोई समस्या सामने आती है तो उसे तुरंत दूर किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य यह है कि किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिले और उनकी फसल सुरक्षित रहे।

इस बैठक के माध्यम से प्रशासन ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर है और हर स्तर पर समाधान निकालने के लिए प्रयास कर रही है। आने वाले समय में यह देखा जाएगा कि सरकार की यह पहल किसानों को किस हद तक राहत दिला पाती है।