
Abhijit Mukherjee Rampurhat Congress became a major political headline after more than 1000 TMC workers joined Congress in Rampurhat on Sunday.
रामपुरहाट, बीरभूम | विशेष संवाददाता
पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज बीरभूम जिले के रामपुरहाट विधानसभा क्षेत्र से एक बड़ी राजनीतिक हलचल देखने को मिली, जहां सत्तारूढ़ All India Trinamool Congress (तृणमूल कांग्रेस) को बड़ा झटका देते हुए लगभग 1000 से अधिक तृणमूल कांग्रेस के नेता, कार्यकर्ता और समर्थकों ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का दामन थाम लिया।
रविवार को बीरभूम जिले के रामपुरहाट स्थित लक्ष्मी अनुष्ठान भवन में आयोजित एक विशाल राजनीतिक कार्यक्रम में यह ऐतिहासिक राजनीतिक बदलाव देखने को मिला। इस कार्यक्रम में बीरभूम जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष Abhijit Mukherjee के नेतृत्व में भारी संख्या में तृणमूल कांग्रेस छोड़कर आए नेताओं और कार्यकर्ताओं ने औपचारिक रूप से Indian National Congress (कांग्रेस) की सदस्यता ग्रहण की।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में रामपुरहाट विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के सक्रिय चेहरा और संभावित उम्मीदवार के रूप में लगातार जनसंपर्क कर रहे Vivekananda Sau की उपस्थिति भी खास तौर पर चर्चा का केंद्र रही। उनके नेतृत्व और संगठनात्मक सक्रियता को इस बड़े राजनीतिक जुड़ाव का एक अहम कारण माना जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, बीरभूम जिले में पिछले कुछ समय से तृणमूल कांग्रेस के अंदर संगठनात्मक असंतोष, स्थानीय स्तर पर नेतृत्व को लेकर विवाद और कार्यकर्ताओं में बढ़ती नाराजगी लगातार देखी जा रही थी। आज रामपुरहाट में हुई यह बड़ी राजनीतिक घटना उसी असंतोष का प्रत्यक्ष परिणाम मानी जा रही है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष अभिजीत मुखर्जी ने कहा कि राज्य में जनता और जमीनी स्तर के कार्यकर्ता अब बदलाव चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा लोकतंत्र, जनता के अधिकार और विकास की राजनीति करती आई है, और आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल में कांग्रेस एक मजबूत राजनीतिक विकल्प के रूप में उभरकर सामने आएगी।
उन्होंने आगे कहा कि जिस प्रकार आज एक हजार से अधिक लोग तृणमूल कांग्रेस छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए हैं, उससे स्पष्ट है कि लोगों का विश्वास अब बदल रहा है। उन्होंने नए शामिल हुए सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं का स्वागत करते हुए भरोसा दिलाया कि पार्टी संगठन में उन्हें सम्मान और जिम्मेदारी दोनों दी जाएगी।
वहीं कार्यक्रम में उपस्थित कांग्रेस नेता विवेकानंद साउ ने कहा कि रामपुरहाट विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस लगातार जनता के बीच काम कर रही है और आम लोगों के मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रही है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले विधानसभा चुनावों में रामपुरहाट क्षेत्र में कांग्रेस मजबूत स्थिति में दिखाई देगी।
उन्होंने कहा कि आज का यह कार्यक्रम सिर्फ एक राजनीतिक दल बदल का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह जनता के मूड और बदलती राजनीतिक परिस्थितियों का स्पष्ट संकेत है। बड़ी संख्या में तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कांग्रेस में शामिल होना यह दिखाता है कि जमीनी स्तर पर सत्ता पक्ष के खिलाफ असंतोष तेजी से बढ़ रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीरभूम जिला पश्चिम बंगाल की राजनीति में हमेशा से महत्वपूर्ण जिला माना जाता रहा है। ऐसे में रामपुरहाट विधानसभा क्षेत्र में एक साथ 1000 से अधिक तृणमूल समर्थकों का कांग्रेस में शामिल होना आगामी राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
रविवार को हुए इस कार्यक्रम में स्थानीय स्तर पर बड़ी संख्या में कांग्रेस समर्थक और क्षेत्र के कई प्रमुख राजनीतिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम स्थल पर भारी उत्साह का माहौल देखा गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नए शामिल हुए नेताओं का फूल-माला पहनाकर स्वागत किया और पार्टी के समर्थन में नारेबाजी भी की गई।
सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में बीरभूम जिले के अन्य क्षेत्रों में भी कई राजनीतिक कार्यकर्ता कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। इससे साफ संकेत मिल रहा है कि जिले में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।
आज रामपुरहाट के लक्ष्मी अनुष्ठान भवन में हुआ यह विशाल राजनीतिक कार्यक्रम बीरभूम जिला राजनीति में एक नई चर्चा का विषय बन गया है। तृणमूल कांग्रेस के लिए यह निश्चित रूप से एक बड़ा झटका माना जा रहा है, वहीं कांग्रेस के लिए इसे संगठन विस्तार और राजनीतिक मजबूती के रूप में देखा जा रहा है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम का असर बीरभूम जिले की राजनीति और विशेष रूप से रामपुरहाट विधानसभा क्षेत्र पर किस प्रकार पड़ता है।
फिलहाल इतना तय माना जा रहा है कि रामपुरहाट से उठी यह राजनीतिक लहर आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई बहस और नए समीकरण पैदा कर सकती है।
Abhijit Mukherjee Rampurhat Congress Joining became a major political event in Birbhum as over 1000 TMC leaders and workers joined Congress on Sunday.
