1 मार्च से कमर्शियल LPG सिलेंडर 31 रुपये महंगा, होली से पहले कारोबारियों को झटका

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1000351217Commercial LPG Cylinder Price Hike के तहत 1 मार्च से 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में 31 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है।

नई दिल्ली/कोलकाता:

होली से ठीक पहले कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले व्यापारियों और छोटे कारोबारियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। 1 मार्च से 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 31 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, मिठाई की दुकान, कैटरिंग सर्विस और छोटे फूड स्टॉल चलाने वालों पर पड़ेगा।

तेल विपणन कंपनियों ने हर महीने की पहली तारीख को समीक्षा के बाद नई कीमतें लागू की हैं। मार्च महीने की शुरुआत में आई इस बढ़ोतरी ने त्योहार के मौसम में व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। होली के दौरान मिठाइयों, नमकीन और फास्ट फूड की मांग बढ़ जाती है, ऐसे में गैस सिलेंडर महंगा होने से लागत भी बढ़ेगी।

किन सिलेंडरों पर असर?

यह बढ़ोतरी 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर पर लागू की गई है। घरेलू 14.2 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी आम घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली है, लेकिन व्यवसायिक उपयोगकर्ताओं को अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ेगा।

कोलकाता समेत अन्य शहरों में नई कीमतें

कोलकाता, दिल्ली, मुंबई और चेन्नई जैसे महानगरों में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत अलग-अलग होती है। परिवहन लागत और स्थानीय करों के आधार पर दरें तय की जाती हैं। 31 रुपये की वृद्धि के बाद अब 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में सीधा इजाफा देखा गया है।

कोलकाता में छोटे होटल और चाय की दुकानों के मालिकों का कहना है कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे हैं। दूध, तेल, सब्जी और अन्य कच्चे माल की कीमतें बढ़ी हुई हैं। अब गैस महंगी होने से मुनाफा और कम हो जाएगा।

Commercial LPG Cylinder Price Hike March 2026

त्योहार के मौसम में बढ़ी चिंता

होली का त्योहार नजदीक है। इस समय मिठाई की दुकानों और कैटरिंग व्यवसाय में गैस की खपत काफी बढ़ जाती है। एक मध्यम स्तर की मिठाई की दुकान में रोजाना 2 से 3 कमर्शियल सिलेंडर तक इस्तेमाल हो जाते हैं। ऐसे में 31 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी महीने के अंत तक सैकड़ों रुपये का अतिरिक्त बोझ डाल सकती है।

रेस्टोरेंट मालिकों का कहना है कि वे पहले ही ग्राहकों को ज्यादा कीमत पर खाना नहीं परोसना चाहते, लेकिन लगातार बढ़ती लागत उन्हें मजबूर कर रही है। कुछ व्यवसायी मेन्यू के दाम बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं।

क्यों बढ़ती हैं कीमतें?

एलपीजी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस के दामों पर निर्भर करती हैं। डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और वैश्विक मांग-आपूर्ति संतुलन भी अहम भूमिका निभाते हैं। तेल कंपनियां हर महीने की शुरुआत में समीक्षा कर दरें तय करती हैं।

पिछले कुछ महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। इसी के आधार पर मार्च महीने में कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में वृद्धि की गई है।

आम लोगों पर अप्रत्यक्ष असर

हालांकि घरेलू सिलेंडर की कीमत में बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन कमर्शियल सिलेंडर महंगा होने का असर आम जनता पर भी पड़ सकता है। होटल और रेस्टोरेंट यदि खाने की कीमतें बढ़ाते हैं तो ग्राहकों को ज्यादा भुगतान करना होगा।

सड़क किनारे फास्ट फूड और चाय-नाश्ते की दुकानों में भी कीमतों में मामूली बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इससे मध्यम वर्ग और दैनिक मजदूरी करने वालों की जेब पर असर पड़ेगा।

Commercial LPG Cylinder Price Hike March 2026

व्यापारियों की मांग

छोटे व्यापारियों और होटल एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि त्योहारों के दौरान कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में राहत दी जाए। उनका कहना है कि महंगाई पहले से ही चरम पर है और छोटे कारोबारी सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।

कुछ संगठनों ने यह भी सुझाव दिया है कि छोटे और मध्यम स्तर के फूड व्यवसायों को सब्सिडी दी जानी चाहिए ताकि वे ग्राहकों पर बोझ न डालें।

पिछले महीनों का ट्रेंड

पिछले कुछ महीनों में कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया है। कभी कीमतों में कटौती हुई तो कभी बढ़ोतरी। फरवरी में कुछ राहत मिली थी, लेकिन मार्च में फिर से दाम बढ़ गए। इस अस्थिरता के कारण कारोबारियों को अपनी लागत का अनुमान लगाना मुश्किल हो रहा है।

आगे क्या?

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें स्थिर रहती हैं तो आने वाले महीनों में राहत मिल सकती है। लेकिन यदि वैश्विक स्तर पर तनाव या आपूर्ति में कमी होती है तो कीमतों में और इजाफा संभव है।

सरकार और तेल कंपनियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अगले महीने की समीक्षा में स्थिति स्पष्ट होगी।

निष्कर्ष

1 मार्च से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर 31 रुपये महंगा होने से व्यापारियों को झटका लगा है। होली जैसे बड़े त्योहार से पहले यह बढ़ोतरी छोटे और मध्यम कारोबारियों के लिए चिंता का विषय बन गई है। घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत है, लेकिन बाजार में खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

महंगाई के इस दौर में हर छोटी बढ़ोतरी भी आम आदमी की जेब पर असर डालती है। अब सभी की नजर अगली समीक्षा पर टिकी है कि क्या आने वाले समय में राहत मिलेगी या फिर महंगाई का सिलसिला जारी रहेगा।

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