बेंगलुरु का यह रंगमंच महोत्सव कन्नड़ नाटक लेखन में नई आवाज़ों को देता है अवसर
बेंगलुरु, कर्नाटक – रंगमंच प्रेमियों के लिए एक खास अवसर लेकर आया है थिएटर फेस्टिवल चिगुरु X कुसुमाले जो कन्नड़ नाटक लेखन में नवीनता और विविधता को सामने लाने का प्रयास करता है। यह महोत्सव गिरीश कर्नाड फेलोशिप के माध्यम से विकसित नाटकों को प्रदर्शित करेगा, जिनमें कन्नड़ थिएटर के समकालीन और गहराई से जुड़े विषयों को दर्शाया गया है। चिगुरु X कुसुमाले फेस्टिवल में शामिल नाटकों की थीम विविधता दर्शाती है। कुछ नाटक 90 के दशक के शहर के जीवन को चित्रित करते हैं, तो कुछ ने ‘कोरगा’ समुदाय की पहचान और उनकी सांस्कृतिक विरासत की पड़ताल की है। इस तरह के विषय न केवल थिएटर को सामाजिक दायरे…
