मध्य पूर्व संकट के बीच भारत का 8वां LPG जहाज हॉर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुका है, जबकि 16 जहाज अब भी फंसे हैं। सरकार ने सप्लाई को लेकर राहत की बात कही है।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरा भारत का आठवां जहाज, LPG सप्लाई पर राहत
मध्य पूर्व संकट के बीच भारत को मिली बड़ी राहत, 15,400 टन LPG लेकर तट की ओर बढ़ रहा जहाज
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य को पार करते हुए भारत का आठवां जहाज सुरक्षित निकल चुका है। यह जहाज लगभग 15,400 टन एलपीजी (LPG) लेकर भारत के तट की ओर बढ़ रहा है।
हालांकि, स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। अभी भी हॉर्मुज जलडमरूमध्य में करीब 16 जहाज फंसे हुए हैं, जिनमें एलपीजी ले जाने वाला ‘जग विक्रम’ नामक जहाज भी शामिल है। यह स्थिति वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर प्रभाव डाल रही है।
तेल संकट गहराया, दुनिया भर में बढ़ी चिंता
ईरान-अमेरिका संघर्ष के बाद से पूरी दुनिया में तेल और गैस की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। मध्य पूर्व के कई महत्वपूर्ण तेल भंडारों पर हमलों की खबरों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

ईरान, इराक और सऊदी अरब जैसे देशों के तेल भंडार वैश्विक ऊर्जा बाजार में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में इन क्षेत्रों में अस्थिरता का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों पर पड़ा है।
OPEC देशों की आपात बैठक
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ओपेक (OPEC) से जुड़े 8 देशों ने हाल ही में एक आपात बैठक की। इस बैठक में तेल उत्पादन और सप्लाई के वैकल्पिक रास्तों पर चर्चा की गई।
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि युद्ध के कारण तेल उत्पादन ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। ऐसे में पहले जैसी स्थिति में लौटने में समय लगेगा। हालांकि, ओपेक देशों ने सीमित संसाधनों के बावजूद उत्पादन बढ़ाने का आश्वासन दिया है।
रूस बढ़ाएगा उत्पादन
इस संकट के बीच रूस ने तेल उत्पादन बढ़ाने का संकेत दिया है। रूस का यह कदम वैश्विक बाजार को कुछ हद तक स्थिर करने में मदद कर सकता है।
बताया जा रहा है कि अमेरिका ने भी अस्थायी रूप से रूस से तेल और गैस खरीदने पर कुछ छूट दी है, ताकि वैश्विक सप्लाई बनी रहे। हालांकि, भारत के लिए लंबे समय तक इस सुविधा का लाभ मिल पाएगा या नहीं, इस पर अभी भी संशय बना हुआ है।
भारत में LPG सप्लाई की स्थिति
भारत सरकार ने साफ किया है कि देश में रसोई गैस की कोई कमी नहीं है। घरेलू LPG की सप्लाई पूरी तरह से स्थिर है और सरकार वाणिज्यिक LPG की मांग का लगभग 80% पूरा करने में सक्षम है।
सरकार के अनुसार, पिछले एक महीने में करीब 8 लाख लोगों को पाइप गैस कनेक्शन दिए गए हैं। वहीं, लगभग 16 हजार उपभोक्ताओं ने LPG कनेक्शन छोड़ दिया है, जो उपभोग पैटर्न में बदलाव का संकेत देता है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है अहम?
हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यहां से होकर दुनिया के लगभग 20% तेल का परिवहन होता है। इस मार्ग में किसी भी तरह की रुकावट का सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के कारण इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे सप्लाई चेन बाधित हो रही है।
आगे क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही स्थिति सामान्य नहीं होती है, तो तेल और गैस की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। इससे भारत सहित कई देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ेगा।
हालांकि, भारत सरकार और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और वैकल्पिक उपायों पर काम कर रही हैं।
फिलहाल, हॉर्मुज जलडमरूमध्य से भारत के जहाजों का निकलना एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, लेकिन पूरी स्थिति सामान्य होने में अभी समय लग सकता है।
