JEE Main 2026: Hyderabad की Mallavarapu Aasna बनीं Girls Topper, हासिल किया 99.9982287 Percentile

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जेईई मेन 2026: हैदराबाद की मल्लावरापु आसना बनीं ऑल इंडिया गर्ल्स टॉपर


जेईई मेन 2026: हैदराबाद की मल्लावरापु आसना बनीं ऑल इंडिया गर्ल्स टॉपर

हैदराबाद: जब दृढ़ संकल्प और अनुशासन साथ मिलते हैं, तो असाधारण सफलता की कहानी लिखी जाती है। इस बात को सच साबित करते हुए हैदराबाद की मल्लावरापु आसना ने जेईई मेन 2026 में ऑल इंडिया गर्ल्स टॉपर बनकर एक नई मिसाल कायम की है।

आसना ने 99.9982287 परसेंटाइल हासिल कर देश के सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। वह नारायणा स्कूल्स की छात्रा हैं और उनका यह प्रदर्शन न केवल उनके लिए, बल्कि देशभर के लाखों इंजीनियरिंग अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।

परिणाम में शानदार प्रदर्शन

जेईई मेन 2026 के परिणाम 20 अप्रैल को घोषित किए गए, जिसमें 26 छात्रों ने 100 परसेंटाइल हासिल किया। हालांकि इस वर्ष कोई भी लड़की 100 परसेंटाइल तक नहीं पहुंच सकी, लेकिन आसना का 99.9982287 परसेंटाइल का स्कोर सभी के बीच चर्चा का विषय बन गया।

इस साल के परिणामों में दक्षिण भारत का दबदबा साफ दिखाई दिया। तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और अन्य राज्यों के कई छात्रों ने टॉप रैंक हासिल किए, जिससे क्षेत्र की मजबूत शैक्षणिक तैयारी एक बार फिर साबित हुई।

एग्जाम डे की रणनीति

आसना ने बताया कि परीक्षा के दिन उन्होंने खुद को शांत, आत्मविश्वासी और पूरी तरह केंद्रित रखा। उन्होंने आखिरी समय में कोई नया टॉपिक शुरू करने के बजाय अपने नोट्स और शिक्षकों द्वारा बनाए गए शॉर्ट नोट्स को दोहराया।

उनका मानना है कि रिवीजन से आत्मविश्वास बढ़ता है और परीक्षा के दौरान अनावश्यक तनाव से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा, “परीक्षा से पहले रिवीजन ने मुझे आत्मविश्वास दिया।”

कैसा था उनका स्टडी शेड्यूल?

आसना के अनुसार उनकी सफलता का सबसे बड़ा राज था निरंतरता। उन्होंने एक अनुशासित अध्ययन योजना का पालन किया और स्कूल की पढ़ाई के साथ जेईई की तैयारी को संतुलित रखा।

उन्होंने नियमित अभ्यास, समय पर रिवीजन और बेहतर टाइम मैनेजमेंट को अपनी सफलता की कुंजी बताया।

“सफलता एक दिन बहुत ज्यादा पढ़ने से नहीं मिलती, बल्कि हर दिन ईमानदारी से पढ़ने से मिलती है,” आसना ने कहा।

सेशन 1 से मिली प्रेरणा

आसना ने बताया कि उन्होंने जेईई मेन के पहले सेशन में 99.49 परसेंटाइल हासिल किया था। यह स्कोर पहले से ही शानदार था, लेकिन उन्होंने इसे अपनी तैयारी को और बेहतर करने की प्रेरणा के रूप में लिया।

सेशन 2 के लिए उन्होंने ज्यादा फोकस, निरंतर रिवीजन और प्रैक्टिस के साथ खुद को तैयार किया, जिसका परिणाम उनके शानदार स्कोर के रूप में सामने आया।

परिवार और शिक्षकों का योगदान

आसना ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार और शिक्षकों को दिया। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता और शिक्षकों ने हर कदम पर उनका साथ दिया और उन्हें हमेशा प्रोत्साहित किया।

“मेरी सफलता का श्रेय मेरे परिवार और शिक्षकों को जाता है, जिन्होंने हमेशा मुझ पर विश्वास किया,” उन्होंने कहा।

भविष्य का लक्ष्य

जेईई मेन में शानदार प्रदर्शन के बाद अब आसना का पूरा ध्यान जेईई एडवांस्ड 2026 पर है। उनका लक्ष्य आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग करना है, जो देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक है।

वह अब और अधिक मेहनत और समर्पण के साथ अपनी अगली परीक्षा की तैयारी में जुट गई हैं।

डिस्ट्रैक्शन से दूरी

आसना ने अपनी तैयारी के दौरान सोशल मीडिया और अन्य ध्यान भटकाने वाली चीजों से दूरी बनाए रखी। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए छोटे-छोटे ब्रेक लेना जरूरी होता है।

उनके अनुसार, पढ़ाई के साथ-साथ खुद को तरोताजा रखना भी सफलता के लिए उतना ही महत्वपूर्ण है।

भविष्य के छात्रों के लिए संदेश

जेईई की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए आसना का संदेश बेहद सरल लेकिन प्रभावशाली है — खुद पर विश्वास रखें और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहें।

उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास, निरंतर अभ्यास और अनुशासन सफलता की सबसे जरूरी शर्तें हैं। कठिन समय में भी हार नहीं माननी चाहिए और अपने लक्ष्य पर फोकस बनाए रखना चाहिए।

प्रेरणा की मिसाल

मल्लावरापु आसना की सफलता न केवल तेलंगाना बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। भले ही वह 100 परसेंटाइल तक नहीं पहुंचीं, लेकिन उनका स्कोर यह साबित करता है कि उत्कृष्टता किसी एक संख्या पर निर्भर नहीं करती।

उनकी कहानी यह संदेश देती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत सच्ची हो और अनुशासन मजबूत हो, तो कोई भी सपना असंभव नहीं है।

अब सभी की नजरें उनके अगले लक्ष्य — जेईई एडवांस्ड और आईआईटी बॉम्बे — पर टिकी हैं।