कर्नाटक के सीएम ने कहा: यूनिफॉर्म नीति में किसी भी नए प्रथाओं की अनुमति नहीं

Uniform policy: No new practices will be allowed, says Karnataka CM

Bengaluru, Karnataka

कर्नाटक के मुख्यमंत्री श्री सिद्धरमैया ने हाल ही में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार छात्रों द्वारा केसरिया शॉल और पगड़ी पहनने की अनुमति नहीं देगी। यह बयान तब आया जब उनसे पूछा गया कि क्या सरकार इस तरह के धार्मिक या सांस्कृतिक परिधान को स्कूल यूनिफॉर्म के हिस्से के रूप में स्वीकार करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों में किसी भी नए प्रथा को अपनाना फिलहाल मंजूर नहीं है जिससे यूनिफॉर्म नीति में परिवर्तन हो।

सरकार का यह कड़ा रुख छात्रों के शैक्षणिक वातावरण को केंद्रित और अनुशासित बनाए रखने के लिए उठाया गया कदम माना जा रहा है। स्कूलों में एकरूपता बनाए रखने के लिए यूनिफॉर्म नीति को सख्ती से लागू किया जा रहा है ताकि छात्रों को शिक्षा पर फोकस बनाए रखने में सहायता मिले। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी धार्मिक या सांस्कृतिक वस्त्र को सरकारी स्कूल की यूनिफॉर्म के अनुसार स्वीकार नहीं किया जाएगा।

यह फैसला कुछ समय से विद्यालय यूनिफॉर्म को लेकर उठ रहे विवादों और मांगों को देखते हुए आया है। पिछले कुछ महीनों में कुछ समूहों ने कर्नाटक सरकार से छात्रों को केसरिया शॉल और पगड़ी पहनने की अनुमति देने का आग्रह किया था, जिसे शिक्षा विभाग और राज्य सरकार ने अभी अस्वीकार कर दिया है। इस नीति के तहत छात्र बिना अनुमति के ऐसे विशेष वस्त्र या प्रतीक नहीं पहन पाएंगे।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह कदम सामाजिक सौहार्द और स्कूलों में अनुशासन बनाए रखने के लिए आवश्यक है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार सभी छात्रों के अधिकारों और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करती है, लेकिन इसके साथ ही शिक्षा संस्थानों में एकरूपता बनाए रखना प्राथमिकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह नीति कर्नाटक में शिक्षा क्षेत्र में समानता और गैर-भेदभाव को प्रोत्साहित करने वाली पहल के रूप में देखी जा रही है। स्कूलों में किसी भी तरह के धार्मिक या सांस्कृतिक प्रतीकों को लेकर की गई पहचान या भेदभाव को कम करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। सरकार का मानना है कि जब तक ये नियम एक समान रूप से लागू होंगे, तब तक शैक्षणिक माहौल में शांति और एकजुटता बनी रहेगी।

अंत में, मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने सभी शिक्षकों, अभिभावकों और छात्रों से आग्रह किया है कि वे सरकार की इस यूनिफॉर्म नीति का सम्मान करें और नियमों का पालन करें ताकि शिक्षा प्रक्रिया बिना किसी व्यवधान के चलती रहे। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही किसी भी समाज और देश का आधार है और इस आधार को मजबूत बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।

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