जम्मू-कश्मीर, भारत – जम्मू-कश्मीर घाटी में Severe hailstorm और भारी बारिश का प्रकोप जारी है, जिसके कारण तापमान में अचानक गिरावट देखी जा रही है। पिछले दो दिनों से घाटी के कई इलाकों में ओलावृष्टि और तेज बारिश हो रही है, जिससे दैनिक जीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। मौसम विभाग ने इस मौसम परिवर्तन के लिए अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, इस बार की ओलावृष्टि पिछले वर्षों की तुलना में अधिक तीव्र है, जो न केवल घाटी के तापमान को प्रभावित कर रही है बल्कि फसलों एवं सड़क परिवहन में बाधा भी उत्पन्न कर रही है। कई स्थानों पर सड़कों पर पानी भर गया है एवं जगह-जगह पेड़ गिरने की खबरें भी मिली हैं। प्रशासन ने सफाई कार्य शुरू कर दिया है और प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह मौसम परिवर्तन सामान्य मानसून से अलग दिख रहा है, जिसमें अचानक से ठंडक बढ़ जाना और ओलों की तीव्रता ज्यादा होना चिंता का विषय है। किसान वर्ग को भी इस मौसम ने खासा नुकसान पहुँचाया है, खास तौर पर जो बरसाती फसलों पर निर्भर हैं। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपने फसलों की सुरक्षा हेतु आवश्यक कदम उठाएं।
अन्य ओर, स्थानीय प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक घरों से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। स्कूलों और सरकारी कार्यालयों में भी परिस्थिति के अनुसार छुट्टियां घोषित की जा सकती हैं। मौसम के इस क्रम को देखते हुए राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और सुदृढ़ कर दिया है।
जलप्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण के उपाय भी बढ़ाए गए हैं ताकि भारी बारिश के कारण किसी बड़े तबाही से बचा जा सके। इसके साथ ही, जनता को भी इसके प्रति जागरूक किया जा रहा है कि वे अपने आस-पास साफ-सफाई रखें और जल निकासी का विशेष ध्यान दें।
संक्षेप में, जम्मू-कश्मीर में जारी तेज ओले और भारी बारिश ने घाटी के सामान्य जीवन को प्रभावित किया है तथा तापमान में गिरावट के कारण मौसम बेहद ठंडा और अप्रत्याशित हो गया है। आगामी दिनों में भी ऐसे मौसम की संभावना जताई जा रही है, इसलिए जनता और प्रशासन दोनों को सावधानी बरतते हुए इस बदलाव के लिए तैयारी करनी आवश्यक है।
