उन्होंने 20,000 पाउंड लिए जो मैं देना नहीं चाहता था: बच्चे की देखभाल में हुई

'They took £20,000 I didn't owe': Parents hit by child maintenance errors

लंदन, इंग्लैंड – जॉन हैमंड ऐसे 30 माता-पिता में से एक हैं जिन्होंने बीबीसी के यूअर वॉइस से बातचीत में बताया कि उन्हें चाइल्ड मेंटेनेंस सिस्टम (CMS) में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा। इस सिस्टम की त्रुटियों के कारण उन्हें अनजाने में बड़ी राशि वसूल ली गई, जिससे उनकी जिंदगी प्रभावित हुई है।

जॉन का कहना है कि CMS ने उनसे £20,000 वसूल लिए जो वे देना नहीं चाहते थे और न ही उनका कर्ज था। इस गलतफहमी ने न केवल आर्थिक बोझ बढ़ाया बल्कि जॉन की परिवारिक स्थिति को भी तनावपूर्ण बना दिया। उन्होंने बताया कि यह मंच माता-पिता के लिए न्यायसंगत और पारदर्शी नहीं है, जिससे असंख्य लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

CMS ब्रिटेन सरकार की एक ऐसी सेवा है, जिसका मकसद बच्चों के लिए उचित वित्तीय सहायता सुनिश्चित करना है जब माता-पिता अलग होते हैं। जबकि इसका उद्देश्य सही है, लेकिन हाल के वर्षों में इस सिस्टम में कई तकनीकी और प्रशासनिक खामियां उजागर हुई हैं। बीबीसी की रिपोर्ट में सामने आया है कि कई परिवार अनजाने में इस गलती की वजह से वित्तीय नुकसान उठा रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन गलतियों का कारण पुरानी तकनीक, मानव त्रुटि और अद्यतन प्रक्रिया में कमी है। कई परिवारों ने बताया कि शिकायत करने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ या उन्हें जवाब नहीं मिला। जॉन की तरह अन्य 29 माता-पिता ने भी इसी तरह के अनुभव साझा किए हैं।

सरकार ने इस विषय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उन्हें इन शिकायतों की जानकारी है और वे CMS की कार्यक्षमता बेहतर बनाने के लिए काम कर रहे हैं। हालांकि प्रभावित परिवारों को तुरंत राहत और पुनर्वित्तीय सहायता देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।

समाज कार्यकर्ताओं और एनजीओ का कहना है कि चाइल्ड मेंटेनेंस सिस्टम में सुधार बेहद जरूरी है ताकि परिवारों को फर्जी आरोपों और गलत वसूली से बचाया जा सके। उनका सुझाव है कि तकनीकी उन्नयन के साथ ग्राहकों की शिकायतों को तत्काल सुलझाने की प्रक्रिया भी प्रभावी बनाए जाए।

इस वक्त CMS की त्रुटियों ने कई परिवारों की जिंदगी जटिल बना दी है, जिसके कारण न्याय और वित्तीय स्थिरता की उम्मीद कम हो रही है। जरूरत है कि सरकार और संबंधित एजेंसियां इस समस्या को गंभीरता से लें और समय पर सही कदम उठाएं।

जॉन जैसे माता-पिता की आवाज़ उठाना महत्वपूर्ण है ताकि भविष्य में ऐसे मामले दोबारा न हों और हर बच्चे को उसके हक और परिवार को न्याय सुनिश्चित हो सके।

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