United Nations Refugee Agency says $1 million worth of aid lost in Russian strike in

United Nations Refugee Agency says $1 million worth of aid lost in Russian strike in Ukraine

काठमांडू, नेपाल – यूक्रेन में रूसी हमले के दौरान एक आपातकालीन सहायता सामग्री भंडार पूरी तरह से नष्ट हो गया, जिसमें आपातकालीन आश्रय सामग्री, सोने के मैट और स्वच्छता किट शामिल थीं। इस हमले में दो लोगों की जान भी चली गई। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि लगभग 1 मिलियन डॉलर मूल्य की सहायता सामान इस हमले में तबाह हो गया है।

यह भंडार उन लोगों के लिए था जो यूक्रेन में चल रहे संघर्ष के कारण विस्थापित हुए हैं। यूएनएचसीआर ने बताया कि यह सहायता सामग्री शीतकालीन सुरक्षा प्रदान करने और प्राथमिक स्वास्थ्य एवं स्वच्छता सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक थी। इस भंडार के नष्ट हो जाने से आवश्यक उपकरणों की आपूर्ति में भारी बाधा आई है।

संयुक्त राष्ट्र एजेंसी ने रूसी हमलों की निंदा करते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई न केवल घटनास्थल के नागरिकों को प्रभावित करती है, बल्कि मानवीय सहायता कार्य को भी बाधित करती है, जिससे विस्थापित लोगों के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। UNHCR ने तुरंत नए संसाधन जुटाने और प्रभावित इलाकों में सहायता प्रदान करने के लिए तत्पर रहने का आश्वासन दिया है।

स्थानीय प्रशासन ने हमले में मारे गए दो व्यक्तियों के परिजनों से गहरी संवेदना प्रकट की है और इस प्रकार की हिंसा को जल्द से जल्द रोकने की मांग की है। इसके अलावा, विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने मदद के लिए अपने द्वार खोल दिए हैं ताकि प्रभावित लोगों को जरूरी राहत सामग्री पहुंचाई जा सके।

यूक्रेन में चल रहे इस संघर्ष के कारण लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं और इस तरह के हमले मानवीय संकट को और गहराते हैं। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि इतने हिंसक हालात में शांति स्थापित करना और मानवीय सहायता पहुंचाना अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो जाता है। यूएनएचसीआर अपने सभी साझेदार संगठनों के साथ मिलकर स्थिति को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

इस घटना ने यूक्रेन संकट के मानवीय पहलू को फिर से उजागर किया है और यह दिखाया है कि युद्ध के दौरान भी मानवीय सहायता सुरक्षित रहना अनिवार्य है। देश-विदेश के सरकारों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अपील की गई है कि वे इस दिशा में ठोस कदम उठाएं ताकि पीड़ितों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाई जा सके।

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