रोम, इटली – प्रसिद्ध टेर्रा देई फुओची, जिसे ‘लैंड ऑफ फायर’ के नाम से जाना जाता है, में पोप लियो का हाल ही में एक महत्वपूर्ण दौरा हुआ। यह क्षेत्र अपने पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर संकटों के लिए जाना जाता है, जहां लोग जहरीली कचरे से जुड़े प्रदूषण के कारण भारी नुकसान झेल रहे हैं। इस दौरे का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह पोप फ्रांसिस की प्रभावशाली पर्यावरणीय एन्साइक्लिका ‘लौदातो सी’ के 11वें वर्षगांठ के ठीक पहले हुआ।
पोप लियो ने इस दौरे के दौरान उन परिवारों से मुलाकात की, जिन्होंने स्वयं और अपने परिवार के सदस्यों को जहरीली औद्योगिक और घरेलू कचरे के कारण हुए नुकसान के चलते न्याय की मांग की है। इस क्षेत्र ने वर्षों से कूड़े के अवैध जलाने के चलते वायु, जल और मिट्टी प्रदूषण का सामना किया है, जिससे कई बच्चे और युवा बीमार पड़ गए या अपनी जान गंवा बैठे।
पर्यावरण संगठनों और स्थानीय समुदायों के अनुसार, टेर्रा देई फुओची के नामकरण का कारण यह है कि यहां पर कच्चे कचरे को लगभग हर दिन अग्नि के हवाले किया जाता है, जिससे जहरीली गैसें वातावरण में फैलती हैं। इस प्रदूषण के कारण कैंसर, श्वास संबंधी बीमारियां और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं आम हो गई हैं।
पोप के दौरे ने एक बार फिर इस क्षेत्र की समस्या पर वैश्विक ध्यान आकर्षित किया है। पोप फ्रांसिस की ‘लौदातो सी’ एन्साइक्लिका पर्यावरण संरक्षण और मानवता के प्रति जिम्मेदारी का एक शक्तिशाली दस्तावेज है, जिसमें खासकर गरीब और वंचित समुदायों का ज़िक्र किया गया है जो पर्यावरणीय संकटों से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।
इस मौके पर पोप लियो ने स्थानीय लोगों से उम्मीद रखी कि सरकार और अंतरराष्ट्रीय निकाय मिलकर ऐसे प्रदूषण मुक्त उपाय करें जो बच्चों और परिवारों की सुरक्षा करें। उन्होंने कहा कि हमें पृथ्वी को बचाने के लिए तत्काल कार्रवाई करनी होगी, ताकि आने वाली पीढ़ियां स्वस्थ जीवन जी सकें।
पोप के इस दौरे से टेर्रा देई फुओची में एक नई आशा जगी है कि जल्द ही यहां के पर्यावरणीय संकट को सही दिशा में सुधारने की पहल होगी। स्थानीय प्रशासन ने भी सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाने का वादा किया है।
यह दौरा न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय न्याय की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। टेर्रा देई फुओची के लोग अब अपने अधिकारों और न्याय के लिए अपनी आवाज बुलंद करने में और भी दृढ़ हैं।
