गर्म हवा के कारण बच्चे खेल से दूर रह रहे हैं, शहर तप रहा है

Children stay away from play as city reels under heat

चेन्नई, तमिलनाडु – चेन्नई इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है, जहां गुरुवार को तापमान ने 42 डिग्री सेल्सियस का उच्चतम स्तर छू लिया। इस तेज गर्मी के कारण नगरवासियों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और विशेष रूप से बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है।

शहर में बढ़ते तापमान ने खेलकूद को रोक दिया है। अभिभावक अब अपनी संतानों को घर के बाहर खेलने नहीं जाने दे रहे हैं, जिससे बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित हो सकता है। पुडुचेरी रोड पर रहने वाले राकेश ने कहा, “गर्मी इतनी अधिक है कि बच्चे खेल के लिए बाहर नहीं जा पाते। हमें उनकी सुरक्षा की चिंता है।”

मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए भी गर्मी में वृध्दि की संभावना जताई है, जिससे सावधानीपूर्वक कदम उठाना और भी जरूरी हो गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस वातावरण में हाइड्रेशन का विशेष ध्यान रखना चाहिए और बच्चों को छाया में रखने पर बल दिया जा रहा है।

नगर निगम ने भी सार्वजनिक स्थानों पर ठंडे पेयजल की व्यवस्था बढ़ाई है, साथ ही पार्कों और खेल मैदानों में छाया देने वाले विकल्पों को मजबूत करने का काम कर रहा है। परंतु आवासीय क्षेत्रों में ठंडा आवास और उचित वेंटिलेशन का अभाव गर्मी की मार को और भी गंभीर बना रहा है।

विशेषज्ञ डॉक्टर रश्मि ने बताया, “गर्म मौसम में बच्चों को त्वचा संबंधी रोग, डिहाइड्रेशन और थकान का खतरा अधिक रहता है। माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों की आहार और पानी की सही देखभाल करें।”

बाल विकास केंद्रों ने भी सलाह दी है कि गर्मी में बच्चों को पर्याप्त आराम देना चाहिए और बाहर खेलने का समय सीमित करना चाहिए। इस बीच, अभिभावक इस संकट की घड़ी में बच्चों की सेहत के प्रति सजग होकर जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

गर्मी के चलते जिलाधिकारी ने जनता से अपील की है कि वे मौसम के मुताबिक आवश्यक कदम उठाएं और खासकर बच्चों और बुजुर्गों की देखभाल करें। तापमान में गिरावट आने तक यह स्थिति बनी रह सकती है, जिससे पूरे शहर में सावधानी की आवश्यकता है।

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