जमालपुर में ईद को लेकर प्रशासन की सौहार्द सभा, विधायक अरुण हलदार ने दिया शांति और भाईचारे का संदेश

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जमालपुर में ईद को लेकर प्रशासन की सौहार्द सभा, विधायक अरुण हलदार और BDO पार्थ सारथी डे रहे मौजूद

जमालपुर: पूर्व बर्धमान जिले के जमालपुर विधानसभा क्षेत्र में आगामी ईद-उल-अजहा पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने के उद्देश्य से प्रशासन की ओर से एक महत्वपूर्ण सौहार्द सभा का आयोजन किया गया। यह बैठक जमालपुर डेवलपमेंट ब्लॉक कार्यालय परिसर में आयोजित हुई, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न धर्म एवं समुदायों के लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य इलाके में आपसी भाईचारा, सामाजिक एकता और कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना था।

इस महत्वपूर्ण सभा में जमालपुर के विधायक अरुण हलदार और BDO पार्थ सारथी डे विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ ब्लॉक प्रशासन के अधिकारी, पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि, विभिन्न मस्जिदों के इमाम, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय गणमान्य लोग भी मौजूद थे। बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग सभा में शामिल हुए और प्रशासन के साथ मिलकर त्योहार को शांति और सौहार्द के साथ मनाने की प्रतिबद्धता जताई।

सभा को संबोधित करते हुए विधायक अरुण हलदार ने कहा कि पश्चिम बंगाल हमेशा से सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे की मिसाल रहा है। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों का सम्मान करना और एक-दूसरे के त्योहारों में सहयोग करना बंगाल की संस्कृति का हिस्सा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि ईद का त्योहार प्रेम, शांति और भाईचारे के वातावरण में मनाया जाए तथा किसी भी प्रकार की अफवाह या उकसावे में न आएं।

उन्होंने आगे कहा कि समाज में शांति बनाए रखने के लिए सभी समुदायों की जिम्मेदारी बराबर है। यदि लोग एक-दूसरे के साथ मिलकर त्योहार मनाते हैं तो इससे सामाजिक एकता मजबूत होती है। विधायक ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और हर परिस्थिति पर नजर रखी जा रही है ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

BDO पार्थ सारथी डे ने भी लोगों से प्रशासन का सहयोग करने और सभी सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन और आम जनता की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन हर परिस्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

सभा के दौरान पुलिस अधिकारियों ने भी लोगों को संबोधित किया। अधिकारियों ने बताया कि ईद के दौरान क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कहीं कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे या किसी प्रकार की अफवाह फैलाई जाए तो तुरंत प्रशासन या पुलिस को सूचित करें। पुलिस प्रशासन ने साफ कहा कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में मौजूद विभिन्न धर्मों और समुदायों के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे। कई धार्मिक नेताओं ने कहा कि त्योहार समाज में प्रेम और एकता का संदेश देते हैं। उन्होंने लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखने और समाज में शांति कायम रखने की अपील की। सभा में यह संदेश भी दिया गया कि किसी भी प्रकार की सांप्रदायिक टिप्पणी या सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट से बचना चाहिए।

प्रशासन की ओर से त्योहार के दौरान पालन किए जाने वाले विभिन्न दिशा-निर्देशों की भी जानकारी दी गई। लोगों से सार्वजनिक स्थानों पर साफ-सफाई बनाए रखने, यातायात नियमों का पालन करने और निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार कार्यक्रम आयोजित करने का अनुरोध किया गया। साथ ही यह भी कहा गया कि किसी भी आयोजन से पहले प्रशासन को सूचित करना आवश्यक होगा ताकि सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने में सुविधा हो सके।

सभा में मौजूद स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना की। लोगों का कहना था कि इस प्रकार की बैठकें समाज में विश्वास और एकता बढ़ाने का काम करती हैं। प्रशासन और आम जनता के बीच संवाद होने से गलतफहमियां कम होती हैं और त्योहारों के दौरान शांति बनाए रखने में मदद मिलती है।

कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि जमालपुर क्षेत्र हमेशा से सामाजिक सौहार्द का उदाहरण रहा है और यहां सभी समुदायों के लोग मिल-जुलकर रहते हैं। उन्होंने प्रशासन की इस पहल को समय की जरूरत बताते हुए कहा कि वर्तमान समय में इस प्रकार की सभाएं लोगों को एक सकारात्मक संदेश देती हैं।

कार्यक्रम के अंत में सभी लोगों ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि ईद का त्योहार पूरे इलाके में शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और भाईचारे के माहौल में मनाया जाएगा। प्रशासन और आम जनता ने मिलकर यह संदेश दिया कि जमालपुर क्षेत्र में सामाजिक एकता और सांप्रदायिक सौहार्द को हर हाल में बनाए रखा जाएगा।

इस सौहार्द सभा ने यह साबित कर दिया कि यदि प्रशासन और आम लोग मिलकर प्रयास करें तो किसी भी त्योहार को शांति और भाईचारे के साथ सफलतापूर्वक मनाया जा सकता है। जमालपुर की यह पहल अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक सकारात्मक उदाहरण बनकर सामने आई है।