बेरहम ED छापे के बाद पिनारायी विजयन ने उठाया मुट्ठी, BJP और कांग्रेस के खिलाफ

Defiant Pinarayi Vijayan raises fist after ED raid, vows ‘long battle’ against BJP and Congress

तिरुवनंतपुरम, केरल। केरल के मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन ने हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के छापे के बाद भाजपा और कांग्रेस के खिलाफ अपनी सहमे बिना बयानबाजी से अपनी सरकार और पार्टी की मजबूती को दिखाया है। पिनारायी विजयन, जो कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) या CPI(M) के वरिष्ठ नेता हैं, ने इस छापामारी को राजनीतिक षड्यंत्र करार देते हुए विरोध का सशक्त संदेश दिया।

पिनारायी विजयन के साथ CPI(M) के राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन और अन्य शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में दिए गए बयान में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनका संघर्ष केवल राजनीतिक दबाव के खिलाफ ही नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए भी है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी और सरकार इन प्रयासों से घबराने वाली नहीं है, बल्कि उनकी लड़ाई और मजबूत होकर जारी रहेगी।

पिनारायी विजयन ने कहा, “ED के ये छापे राजनीतिक हस्तक्षेप की एक और कोशिश हैं, जो हमारे सामाजिक-आर्थिक नीतियों और जनतंत्र की मजबूत नींव को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन हम हार मानने वाले नहीं हैं। भाजपा और कांग्रेस की मिलीभगत जनता के सामने लाने के लिए हम लंबी अवधि तक संघर्ष जारी रखेंगे।”

मुख्यमंत्री की यह प्रतिक्रिया तब आई है जब प्रवर्तन निदेशालय ने राज्य सरकार से जुड़े कुछ दावों की जांच के लिए सचिवालय समेत कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया था। CPI(M) के नेताओं ने इसे राज्य के राजनीतिक वातावरण को विषम बनाने की कोशिश के तौर पर देखा है और यह चेतावनी दी है कि इस तरह की कार्रवाई से पार्टी किसी भी किस्म की समझौता नहीं करेगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि केरल में आगामी चुनावों से पहले यह घटनाक्रम भाजपा और कांग्रेस के लिए भी एक चुनौती हो सकती है, क्योंकि पिनारायी विजयन के नेतृत्व में CPI(M) ने कई आर्थिक और सामाजिक सुधार सफलतापूर्वक लागू किए हैं, जिनकी व्यापक लोकप्रियता है। ऐसे में ED के इस छापे को केवल जांच एजेंसी की कार्रवाई से ज्यादा राजनीतिक नजरिए से देखा जा रहा है।

इस बीच, जनता के बीच भी इस मुद्दे पर कई तरह की प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं। कुछ लोगों ने इसे केरल सरकार के खिलाफ राजनीतिक उत्पीड़न करार दिया है, जबकि कुछ अन्य ने सरकार से पूरी पारदर्शिता रखें और ईमानदारी से जांच में सहयोग करने की मांग की है।

एडी द्वारा चलाए गए इस अभियान ने केरल की राजनीतिक जमीन को हिला दिया है, और पिनारायी विजयन की तरफ से की गई यह जोरदार प्रतिक्रिया राज्य के राजनीतिक भविष्य का एक महत्वपूर्ण संकेत बनकर उभरी है। अब देखने वाली बात होगी कि आगामी दिनों में इस मसले पर राजनीतिक दल किस तरह की रणनीति अपनाते हैं और जनता का रुख कैसा होता है।

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