ब्रसेल्स, बेल्जियम – यूरोपीय आयोग ने चीनी स्वामित्व वाले ऑनलाइन रिटेलर Temu पर 200 मिलियन यूरो का जुर्माना लगाया है। आयोग के अनुसार, Temu ने अपने प्लेटफ़ॉर्म पर बेबी खिलौने और दोषपूर्ण चार्जर जैसे खतरनाक उत्पादों की बिक्री को रोकने में विफलता दर्शाई।
यूरोपीय आयोग की जांच में यह बात सामने आई कि Temu ने उपभोक्ताओं की सुरक्षा को गंभीरता से नहीं लिया और ऐसी वस्तुओं की अनुमति दी जो यूरोपीय सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करती हैं। आयोग की ओर से बताया गया है कि कंपनी ने उचित जोखिम मूल्यांकन किए बिना इन उत्पादों की बिक्री जारी रखी, जिससे उपभोक्ताओं की सुरक्षा खतरे में पड़ गई।
यूरोपीय कमीशन के उपाध्यक्ष ने कहा, “हमारे लिए उपभोक्ताओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। जब कोई ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म अवैध या खतरनाक उत्पादों की बिक्री को नियंत्रित करने में असफल होता है, तो हमें कड़ी कार्रवाई करनी पड़ती है। Temu के खिलाफ यह जुर्माना इसका एक स्पष्ट संदेश है कि हम उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।”
इस जुर्माने के अलावा, Temu को यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में उनके प्लेटफ़ॉर्म पर केवल प्रमाणित और सुरक्षित उत्पाद ही उपलब्ध हों। वे प्रभावी निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रियाओं को लागू करने के लिए भी बाध्य होंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन शॉपिंग की बढ़ती लोकप्रियता ने उपभोक्ता सुरक्षा के मुद्दे को और भी महत्वपूर्ण बना दिया है। इंटरनेट पर खरीदारी के दौरान ऐसे उत्पादों की उपलब्धता जो मानकों पर खरे नहीं उतरते, उपभोक्ताओं के लिए खतरा उत्पन्न कर सकती है। इसलिए, कंपनियों की जिम्मेदारी है कि वे अपने सेवा प्रदानों और विक्रेताओं की कड़े नियंत्रण रखें।
Temu के प्रवक्ता ने कहा कि वे यूरोपीय आयोग के फैसले का सम्मान करते हैं और इसके अनुसार आवश्यक कदम उठाएंगे ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्ता युक्त उत्पाद मिल सकें। उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी अपनी नीतियों को और मजबूत बनाने के लिए काम कर रही है।
इस जुर्माने से यह भी संदेश मिलता है कि वैश्विक स्तर पर उपभोक्ता सुरक्षा के संरक्षण को अधिक गंभीरता से लिया जा रहा है। यूरोपीय आयोग लगातार ऐसे उल्लंघनों पर नजर रखे हुए है और आवश्यकतानुसार कड़े कदम उठाता रहेगा।
संक्षेप में, Temu पर लगाए गए यह जुर्माना ऑनलाइन व्यापार में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर एक कठोर जवाबी कदम है, जो अन्य ऑनलाइन रिटेलर्स के लिए भी चेतावनी का काम करेगा। उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा हेतु इस प्रकार की कार्रवाई आवश्यक है।
