“स्वच्छ ऐप” का शुभारंभ : मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मंत्री अग्निमित्रा पॉल रहे मौजूद

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स्वच्छ ऐप पश्चिम बंगाल के तहत राज्य में स्वच्छता और डिजिटल नागरिक सेवाओं को नई दिशा देने के उद्देश्य से शनिवार को एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया।

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पश्चिम बंगाल में स्वच्छता और डिजिटल नागरिक सेवाओं को नई दिशा देने के उद्देश्य से शनिवार को एक भव्य कार्यक्रम के दौरान “स्वच्छ ऐप” का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री  सुवेंदु अधिकारी, केंद्रीय मंत्री  मनोहर लाल खट्टर, कैबिनेट मंत्री अग्निमित्रा पॉल सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विभिन्न नगर निकायों के प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में आम नागरिक भी शामिल हुए।

इस “स्वच्छ ऐप” का मुख्य उद्देश्य राज्य में सफाई व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तेज और तकनीक आधारित बनाना है। अब आम नागरिक अपने क्षेत्र में मौजूद गंदगी, कचरे के ढेर, जाम नालियों, सड़क किनारे फैली गंदगी या अन्य स्वच्छता संबंधी समस्याओं की शिकायत सीधे मोबाइल ऐप के माध्यम से दर्ज करा सकेंगे। ऐप में फोटो अपलोड करने, लोकेशन टैग करने और शिकायत की स्थिति ट्रैक करने जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीक के बिना किसी भी व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संचालित करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि “स्वच्छ पश्चिम बंगाल” केवल सरकार या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें जनता की भागीदारी भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह ऐप प्रशासन और आम लोगों के बीच एक सीधा संवाद स्थापित करेगा, जिससे समस्याओं का समाधान पहले की तुलना में अधिक तेजी से किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य के कई हिस्सों में सफाई व्यवस्था को लेकर लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई बार शिकायतें संबंधित विभाग तक पहुंचने में देर हो जाती हैं, जिसके कारण समाधान में भी काफी समय लग जाता है। लेकिन अब डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से शिकायत सीधे संबंधित विभाग तक पहुंचेगी और अधिकारी उसकी निगरानी कर सकेंगे।

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया “स्वच्छ भारत मिशन” केवल सफाई अभियान नहीं, बल्कि एक जन आंदोलन है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में स्वच्छता को लेकर लोगों के बीच जागरूकता बढ़ी है और अब डिजिटल तकनीक के जरिए इसे और मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि “स्वच्छ ऐप” जैसी पहलें नागरिकों को सीधे प्रशासन से जोड़ती हैं और इससे पारदर्शिता भी बढ़ती है।

मनोहर लाल खट्टर ने यह भी कहा कि देश के कई शहरों में तकनीक आधारित सफाई प्रबंधन प्रणाली शुरू की गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि पश्चिम बंगाल में भी यह ऐप सफाई व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

अग्निमित्रा पॉल ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में लगभग हर व्यक्ति के हाथ में स्मार्टफोन है। ऐसे में डिजिटल माध्यम का उपयोग कर लोगों को प्रशासन से जोड़ना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि यदि आम नागरिक अपने आसपास की समस्याओं को तुरंत प्रशासन तक पहुंचाएं, तो शहरों और कस्बों को अधिक साफ और सुंदर बनाया जा सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि केवल सरकार के प्रयासों से कोई भी अभियान पूरी तरह सफल नहीं हो सकता। जनता की सक्रिय भागीदारी से ही स्वच्छता अभियान को सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने आसपास सफाई बनाए रखें और “स्वच्छ ऐप” का अधिक से अधिक उपयोग करें।

इस ऐप की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग को तुरंत सूचना मिल जाएगी। उपयोगकर्ता अपने मोबाइल फोन से यह भी देख पाएंगे कि शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई है और समस्या का समाधान कब तक होगा। इससे लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, आज शहरी क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बन चुका है। तेजी से बढ़ती आबादी और शहरीकरण के कारण प्रतिदिन भारी मात्रा में कचरा उत्पन्न हो रहा है। यदि समय पर उसकी सफाई नहीं की जाए, तो पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता है और बीमारियों का खतरा भी पैदा होता है। ऐसे में डिजिटल तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने में मदद कर सकती है।

कार्यक्रम में उपस्थित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस पहल की सराहना की। उनका कहना था कि यदि इस ऐप का सही तरीके से उपयोग किया गया और प्रशासन ने शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई की, तो राज्य में सफाई व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।

सूत्रों के अनुसार, भविष्य में इस ऐप में और भी कई सुविधाएं जोड़ी जा सकती हैं। इसमें कचरा पृथक्करण, प्लास्टिक मुक्त अभियान, स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम और नागरिक फीडबैक जैसी सुविधाएं शामिल करने की योजना है। इसके अलावा लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए समय-समय पर विशेष अभियान भी चलाए जाएंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रशासन और जनता मिलकर काम करें, तो “स्वच्छ ऐप” राज्य में सफाई व्यवस्था को एक नई दिशा दे सकता है। स्मार्ट सिटी और डिजिटल गवर्नेंस के इस दौर में तकनीक का उपयोग कर नागरिक सेवाओं को अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाना बेहद जरूरी हो गया है।

“स्वच्छ ऐप” के लॉन्च के साथ पश्चिम बंगाल में भी डिजिटल स्वच्छता अभियान की दिशा में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आम जनता इस ऐप का कितना उपयोग करती है और प्रशासन शिकायतों के समाधान में कितनी तेजी दिखाता है। लेकिन इतना तय है कि तकनीक और जनभागीदारी के मेल से स्वच्छता अभियान को नई गति मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।