सीबीएसई पुनर्मूल्यांकन पोर्टल पर पहले दिन तकनीकी समस्याएँ; आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य किया गया

CBSE portal for re-evaluation faces glitches on first day; Aadhaar authentication made mandatory

नई दिल्ली, भारत

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2 जून को अपना पुनर्मूल्यांकन और उत्तर-पत्र सत्यापन पोर्टल खोला, जिससे छात्र अपने स्कैन किए गए उत्तर-पत्रों में पाई गई किसी भी त्रुटि की जांच कर सकें और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकें। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह पोर्टल 6 जून की मध्यरात्रि तक खुला रहेगा।

इस पोर्टल को शुरू करते समय कई तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा। छात्रों ने बताया कि पोर्टल पर कई बार लॉगिन करने में समस्या हुई और आधार प्रमाणीकरण प्रक्रिया को पूरा करना मुश्किल रहा। CBSE ने आधार प्रमाणीकरण को अनिवार्य किया है ताकि केवल वास्तविक छात्र और अभिभावकों को ही सेवा मिल सके और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सके।

बोर्ड ने सभी छात्रों को सलाह दी है कि वे सभी आवश्यक दस्तावेज और जानकारियां तैयार रखें ताकि आवेदन प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके। साथ ही, छात्रों से आग्रह किया गया है कि वे जल्दबाजी में फॉर्म भरने के बजाय सावधानी पूर्वक सभी विवरण जांच लें।

यह अभियान CBSE की पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। छात्र अपनी कॉपी की स्कैन प्रतियां प्राप्त कर सकते हैं और यदि उन्हें किसी परेशानी का सामना करना पड़ता है तो वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुधार के लिए आवेदन कर सकते हैं। पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन की फीस लगती है और फीस का भुगतान ऑनलाइन ही स्वीकार किया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी समस्याएं शुरूआती दिनों में आम होती हैं, लेकिन बोर्ड को जल्द से जल्द इसे ठीक करना चाहिए ताकि सभी छात्र समान अवसर पा सकें। छात्र संगठनों ने भी इस विषय पर ध्यान देने की मांग की है ताकि आवेदनों में कोई बाधा न आए।

सीबीएसई के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि पोर्टल के तकनीकी सुधारों पर काम जारी है और जल्द ही यह पूरी तरह से सुचारू रूप से चलने लगेगा। छात्रों से अनुरोध है कि वे कोई भी संशय होने पर आधिकारिक वेबसाइट का ही सहारा लें और अफवाहों में न आएं।

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