मथुरा, उत्तर प्रदेश: पुलिस ने मथुरा में एक स्व-घोषित आध्यात्मिक गुरु को महिलाओं को नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म और ब्लैकमेल करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। मामला तब सामने आया जब 22 वर्षीय छत्तीसगढ़ की बीएससी नर्सिंग छात्रा ने 25 मई को गोवर्धन थाना में शिकायत दर्ज कराई।
शिक्षित छात्रा ने पुलिस को बताया कि गुरु ने उसके साथ धोखा किया और नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म किया। आरोप है कि इसके बाद उसने उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए गुरू के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, यह स्व-घोषित गुरु धार्मिक माहौल में अपनी पकड़ बना चुका था और महिलाओं को प्रभावित करने के लिए अपने नाम के आगे ‘आध्यात्मिक गुरु’ की उपाधि लगाता था। पीड़ित लड़की के अलावा भी कई महिलाएं उसके चंगुल में फंसी हुईं हैं और पुलिस उनसे भी पूछताछ कर रही है।
स्थानीय पुलिस अधीक्षक ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि शिकायत मिलने के बाद तुरंत कार्रवाई की गई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी आरोपों की गंभीरता से जांच की जाएगी और यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो आरोपी को कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के आध्यात्मिक या धार्मिक चेहरों के चक्कर में फंसने से पहले सावधानी बरतें और संदेह होने पर क्षेत्रीय पुलिस से संपर्क करें। इस घटना ने मथुरा में आध्यात्मिक संस्थाओं की छवि को भी प्रभावित किया है, जहां दूर-दराज के गांवों से भी लोग आस्था से जुड़ने आते हैं।
सूत्रों के अनुसार, जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी ने महिलाओं को अपने प्रभाव में लाने के लिए झूठे धर्मिक और आध्यात्मिक वादे किए थे। पुलिस अब अन्य पीड़ितों की तलाश में जुटी हुई है ताकि मामले में पूरी गहराई से जांच हो सके।
यह मामला समाज में महिलाओं की सुरक्षा और विश्वास के सवाल को फिर से उजागर करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में घर और समाज दोनों को जागरूक होने की जरूरत है जिससे महिलाएं सुरक्षित महसूस करें और भयमुक्त होकर अपनी बात रख सकें।
आगे की जांच में इस बात का भी पता लगाया जाएगा कि आरोपी अकेला था या उसके साथ अन्य लोग भी इस काले धंधे में शामिल थे। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपों के आधार पर अन्य गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
यह घटना मथुरा में एक बार फिर सवाल खड़े करती है कि धर्म और आध्यात्म का गलत इस्तेमाल कर कुछ लोग लोगों की आस्था को तोड़कर उनका शोषण क्यों करते हैं। प्रशासन और समाज को मिलकर ऐसे तत्वों पर कड़ी नजर रखने की आवश्यकता है।
