हल्दिया में भीषण अग्निकांड: नाफ्था पाइपलाइन में संभावित रिसाव से 15 से अधिक लोग झुलसे, जांच जारी

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हल्दिया में भीषण अग्निकांड: नाफ्था पाइपलाइन में संभावित रिसाव से बड़ा हादसा, 15 से अधिक लोग झुलसे, जांच जारी

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हल्दिया, पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के हल्दिया में मंगलवार तड़के हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया। इस दुर्घटना में कम से कम 15 से 17 लोग झुलस गए हैं। गंभीर रूप से घायल नौ लोगों को पहले तमलुक जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए सभी को कोलकाता रेफर कर दिया गया। इनमें से चार मरीजों का इलाज फिलहाल एसएसकेएम अस्पताल के ट्रॉमा केयर यूनिट में चल रहा है।

सुबह-सुबह मची अफरा-तफरी

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंगलवार तड़के अचानक जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी, जिसके बाद इलाके में आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आसपास रहने वाले लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी।

दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। पुलिस ने पूरे इलाके को घेरकर लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी ताकि कोई और हादसा न हो।

नाफ्था पाइपलाइन में रिसाव की आशंका

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हल्दिया बंदरगाह से हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स तक जाने वाली नाफ्था पाइपलाइन में कहीं रिसाव हुआ हो सकता है। स्थानीय लोगों का दावा है कि पाइपलाइन से नाफ्था लीक होने के बाद इलाके में बारिश और बिजली गिरने की घटना हुई, जिससे आग लगने की संभावना बनी। हालांकि इस दावे की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि नाफ्था अत्यंत ज्वलनशील हाइड्रोकार्बन है और थोड़ी-सी चिंगारी भी बड़े विस्फोट का कारण बन सकती है। इसलिए वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए विस्तृत तकनीकी जांच की जा रही है।

हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स का बयान

हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (HPL) ने घटना के बाद आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि दुर्घटना कंपनी की मुख्य उत्पादन इकाई के बाहर, परिसर से सटे क्षेत्र में हुई। कंपनी ने बताया कि घटना के बाद तत्काल आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है और जिला प्रशासन तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर पूरे मामले की जांच की जा रही है।

अपने पहले बयान में कंपनी ने यह भी उल्लेख किया कि दुर्घटनास्थल के निकट का क्षेत्र पहले से ही संभावित “अनधिकृत नाफ्था चोरी” (Unauthorized Naphtha Theft Point) के रूप में चिह्नित था। कंपनी ने कहा कि स्थानीय लोगों को कई बार चेतावनी दी गई थी कि बिना अनुमति पेट्रोलियम उत्पादों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न करें क्योंकि यह जानलेवा साबित हो सकता है।

बाद में जारी दूसरे बयान में कंपनी ने स्वीकार किया कि पाइपलाइन में संभावित रिसाव दुर्घटना का कारण हो सकता है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। कंपनी ने घायलों के समुचित इलाज का पूरा खर्च उठाने और हर संभव सहायता देने का भी आश्वासन दिया है।

मुख्यमंत्री ने लिया घटनास्थिति का जायजा

दुर्घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री ने मामले पर चिंता व्यक्त की और सुबह ही हल्दिया के विधायक प्रदीप बिजली से फोन पर बात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने घायलों के बेहतर इलाज और राहत कार्यों में किसी प्रकार की कमी न रहने के निर्देश दिए। प्रशासन को घटना की निष्पक्ष जांच कराने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने को भी कहा गया है।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

पूर्व मेदिनीपुर के पुलिस अधीक्षक अंशुमान साहा ने बताया कि तड़के सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गई थीं। घायलों को तत्काल अस्पताल भेजा गया तथा आसपास के इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर दी गई है और आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है।

जिलाधिकारी नीरंजन कुमार ने बताया कि हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से पाइपलाइन की स्थिति, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य संभावित कारणों की जांच कर रहा है।

आधी किलोमीटर तक दिखाई दी आग की लपटें

स्थानीय विधायक ने बताया कि आग इतनी भीषण थी कि उसकी लपटें लगभग आधा किलोमीटर दूर से दिखाई दे रही थीं। उन्होंने कहा कि पाइपलाइन की नियमित निगरानी की जाती है और सुरक्षा कर्मी लगातार गश्त करते हैं। बावजूद इसके यह हादसा कैसे हुआ, इसकी गहन जांच आवश्यक है।

घायलों का इलाज जारी

घायलों में कई लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। चार मरीजों का इलाज कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल के ट्रॉमा केयर विभाग में किया जा रहा है, जबकि अन्य मरीजों को भी बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। डॉक्टरों की एक विशेष टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।

जांच पूरी होने तक इंतजार

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि हादसा पाइपलाइन में तकनीकी खराबी, नाफ्था रिसाव, बिजली गिरने या किसी अन्य कारण से हुआ। पुलिस, जिला प्रशासन और हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स की संयुक्त जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।

फिलहाल राहत एवं बचाव कार्य जारी है और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें तथा दुर्घटनास्थल के आसपास जाने से बचें।