नालंदा विश्वविद्यालय की दीक्षांत समारोह ने पुनर्जीवित किया प्राचीन शास्त्रार्थ परंपरा
नालंदा, बिहार – नालंदा विश्वविद्यालय के हाल ही में संपन्न हुए दीक्षांत समारोह ने प्राचीन शास्त्रार्थ परंपरा को पुनर्जीवित कर एक नई आस्था और उत्साह पैदा किया है। इस कार्यक्रम ने केवल एक पारंपरिक समारोह से बढ़कर, विद्वानों के बीच गहन शैक्षिक बहस और विचार-विमर्श का मंच प्रदान किया। विश्वविद्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह समारोह शोधप्रबंध की रक्षा और विद्वानों के बीच शास्त्रीय बहस को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा, “यह केवल समारोहों तक सीमित नहीं है, बल्कि गुरु-शिष्य परंपरा की जीवंतता को बनाए रखने का एक सजीव माध्यम है, जहां बौद्धिक संवाद और विचारों का आदान-प्रदान होता है।” दीक्षांत समारोह के…
