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Sonam Wangchuk calls himself ‘honorary cockroach’, urges government to hear voices of youth

सोनम वांगचुक ने खुद को ‘ऑनरेरी कॉक्रोच’ कहा, युवाओं की आवाज़ सुनने के लिए सरकार

गुवाहाटी, असम । नवाचारक और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने ऑनलाइन कॉक्रोच मूवमेंट को लेकर अपना समर्थन व्यक्त किया है। उन्होंने स्वयं को ‘ऑनरेरी कॉक्रोच’ कहकर यह भी कहा कि सरकार को युवाओं की आवाज़ को गंभीरता से सुनना चाहिए। वे इस आंदोलन को लोकतांत्रिक प्रतिक्रिया के रूप में देखते हैं, न कि किसी खतरे के रूप में। हाल ही में सोशल मीडिया पर कॉक्रोच जनता पार्टी नाम से एक ऑनलाइन आंदोलन छाया हुआ है, जो युवाओं की समस्याओं और उनकी भावनाओं को व्यक्त करता है। इस आंदोलन ने सरकार और प्रशासन का ध्यान युवा वर्ग की जरूरतों की ओर खींचा है। सोनम वांगचुक, जो अपने नवाचारों और सामाजिक सुधारों…

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‘Cross-Border Influence Op’: Rajeev Alleges Cockroach Janta Party Was Designed To Target PM Modi Govt

राजीव का आरोप: क्रॉस-बॉर्डर इन्फ्लुएंस ऑपरेशन था ‘कॉक्रोच जनता पार्टी’ पीएम मोदी सरकार को निशाना

नई दिल्ली, भारत – भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने शनिवार को वायरल हुई “कॉक्रोच पार्टी” को “क्रॉस-बॉर्डर इन्फ्लुएंस ऑपरेशन” बताया, जो कथित तौर पर भारत को अस्थिर करने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को टारगेट करने के लिए तैयार किया गया था। झूठे और आर्गेनिक दिखने वाले नैरेटिव राजीव चंद्रशेखर ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर दावा किया कि यह ऑनलाइन अभियान कुछ “स्वार्थी हितधारकों” द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है और विपक्ष के कुछ वर्गों की मदद से चलाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बॉट्स और सोशल मीडिया मैनिप्युलेशन के इस युग में ऐसे इन्फ्लुएंस ऑपरेशन देशों…

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NCERT book row: SC recalls ‘harsh’ comments, blacklisting of three academicians

NCERT पुस्तक विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने तीन शिक्षाविदों के खिलाफ ‘कड़े’ टिप्पणी और ब्लैकलिस्टिंग को

नई दिल्ली, भारत सुप्रीम कोर्ट ने NCERT की पाठ्यपुस्तकों को लेकर चल रहे विवाद में ताजा फैसला देते हुए तीन शिक्षाविदों के खिलाफ दिए गए ‘कड़े’ बयान और उनकी ब्लैकलिस्टिंग को वापस ले लिया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि उनके टिप्पणियाँ किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि संदर्भित विषय वस्तु की समीक्षा के आधार पर दी गई थीं। इस मामले की जांच मार्च 11 के आदेश के बाद शुरू हुई थी, जिसे संबंधित पक्षों की सुनवाई किए बिना ही पारित किया गया था। शिक्षाविदों ने इस आदेश को एकतरफा बताते हुए अपनी बात रखने का मौका न मिलने पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि जिन अंशों…

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