Bengal SIR: Tribunals dispose of over 6,500 appeals so far, allow 61.5% cases back in voter rolls

बंगाल SIR: ट्रिब्यूनल ने अब तक 6,500 से अधिक अपीलों का निपटारा किया, 61.5% मामलों

कोलकाता, पश्चिम बंगाल – बंगाल की निर्वाचन अपील ट्रिब्यूनलों ने अब तक 6,500 से अधिक अपीलों को निपटाया है, जिसमें लगभग 61.5% मामलों में मतदाताओं को पुनः मतदाता सूची में शामिल किया गया है। यह आंकड़ा चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और न्यायसंगत निर्णय लेने की सरकारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हालांकि, निपटाए गए मामलों में से लगभग 1,200 मामलों की वर्तमान स्थिति स्पष्ट नहीं है, जिससे कुछ सवाल अब भी बरकरार हैं। इन मामलों के परिणामों का इंतजार है और चुनाव विभाग ने इन मामलों की शीघ्र समीक्षा करने का भरोसा व्यक्त किया है। मतदाता सूचियों में नामांकन से संबंधित विवादों का निपटारा करने के लिए गठित ये ट्रिब्यूनल एक…

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Tamil Nadu CM Vijay’s appeal to kids for votes: Plea in Madras High Court seeks inquiry by Election Commission

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय का बच्चों से वोट की अपील: मद्रास हाईकोर्ट में चुनाव आयोग

चेन्नई, तमिलनाडु। मद्रास उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें 2026 के विधायी सभा चुनावों के दौरान तमिलनाडु की दो प्रमुख पार्टियों, डीएमके और एआईएडीएमके के सदस्यों द्वारा कथित नकद वितरण की गंभीर जांच की मांग की गई है। यह मामला मुख्य रूप से राजनीतिक नैतिकता और चुनावी ईमानदारी के संबंध में है। याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया है कि मुख्यमंत्री विजय ने हाल ही में बच्चों से वोट मांगने की अपील की है, जो कि चुनावी आचार संहिता के संदर्भ में भी संदिग्ध मानी जा रही है। इस प्रकार की अपील पर चुनाव आयोग को तुरंत जांच करनी चाहिए ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की…

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OCI status of foreigners who voted in Tamil Nadu Assembly election comes under scrutiny

विदेशियों के वोटिंग OCI स्थिति पर तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में जांच शुरू

चेन्नई, तमिलनाडु: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में विदेशी भारतीयों द्वारा धांधलीपूर्ण तरीकों से मतदान करने की संख्या अब 30 पहुंच चुकी है। अधिकारियों ने बताया कि ओसीआई (ओवरसीज सिटिज़न ऑफ इंडिया) कार्ड के लिए आवेदन करते समय जिन उम्मीदवारों ने यह घोषणा की थी कि उन्होंने अपने वोटर पहचान पत्र या मतदाता सूची से अपने नाम हटवा लिए हैं, उन्हें झूठा घोषणापत्र माना जाएगा। सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस प्रकार की गलत घोषणा करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले की जांच चुनाव आयोग और संबंधित विभाग कर रहे हैं, ताकि चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जा सके। कुछ पूर्व के मामलों में भी यह…

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