It is not just songs, Ilaiyaraaja is also integral to Manjanathi, says Mari Selvaraj

यह केवल गाने नहीं हैं, इलाईयाराजा मनजानाथी के भी अभिन्न अंग हैं, कहते हैं मारी

चेन्नई, तमिलनाडु – भारतीय सिनेमा जगत में संगीत का महत्व अत्यंत है और इसके क्षेत्र में इलाईयाराजा नाम सदैंव सम्मानित रहा है। हाल ही में चर्चित फिल्म “मनजानाथी” के निर्देशक मारी सेल्वराज ने एक दिलचस्प घोषणा की कि उन्होंने अपनी फ़िल्म के लिए संगीत की रचना के लिए इलाईयाराजा को चुना है। मारी सेल्वराज ने साझा किया, “जब भी मनजानाथी नाम मेरे मन में आता था, तो मैं उसे फ़िल्म में रूपांतरित करने का विचार करता था। उस वक्त मैंने पहले ही सोच लिया था कि इस फ़िल्म के संगीत के लिए महान संगीतकार इलाईयाराजा से संपर्क करूंगा। जब मैंने उनसे मुलाकात की और कहानी सुनाई, तो उन्होंने खुशी-खुशी इस…

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The Voice of Hind Rajab to receive ‘A’ certificate, weeks after oral ban

हिंद राजाब की आवाज़ को ‘ए’ सर्टिफिकेट प्राप्त होगा, मौखिक प्रतिबंध के हफ्तों बाद

नई दिल्ली, भारत – एक ऑस्कर-नामांकित फिल्म जो गाजा में इसराइली बलों द्वारा पांच साल की फिलिस्तीनी लड़की की हत्या की घटना पर आधारित है, को प्रारंभ में भारतीय सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने अस्वीकार कर दिया था। फिल्म के विरोध के पीछे मुख्य कारण यह था कि अधिकारियों को चिंता थी कि इस फिल्म के कारण भारत और इसराइल के बीच राजनयिक संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। फिल्म का नाम अभी तक आधिकारिक रूप से घोषित नहीं किया गया है, लेकिन यह गाजा में हुई हिंसा और उसके प्रभावों पर गहराई से प्रकाश डालती है। यह फिल्म न केवल उस निर्दोष बच्ची की कहानी बताती…

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Anik Dutta obituary: The filmmaker who captured Kolkata’s nostalgia and decay

अनिक दत्ता का निधन: कोलकाता की नॉस्टैल्जिया और पतन को कैद करने वाले फिल्मकार

कोलकाता, पश्चिम बंगाल – बंगाली सिनेमा के लोकप्रिय और प्रभावशाली फिल्मकार अनिक दत्ता का निधन स्थानीय सिनेमा प्रेमियों के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने अपने विलक्षण दृष्टिकोण और संवेदनशील कहानी कहने की कला से बंगाली समाज की मध्यम वर्ग की चिंताओं को बेहतरीन अंदाज में प्रस्तुत किया। उनके फिल्मी सफर की शुरुआत “भूतের ভবিষ্যৎ” जैसी हास्यस्पद, लेकिन गहरी राजनीति और सामाजिक व्यंग्य से हुई, जिसने मानव जीवन की विडंबनाओं को बड़े ही सूक्ष्म ढंग से दिखाया। अनिक दत्ता की फिल्मों में बंगाल की सांस्कृतिक असुरक्षा, मध्यम वर्ग की बेचैनी, और आधुनिकता की त्रासद हास्यास्पदताएं न केवल उपस्थिति पण बल्कि तीखे संवादों और हास्य से भरपूर थीं। उनकी फिल्म “अपराजितो”…

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