Lenskart Controversy: नई ड्रेस पॉलिसी में धार्मिक पहचान को मिली खुली छूट

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Lenskart Style Guide Controversy: नई ड्रेस पॉलिसी में धार्मिक पहचान को मिली मंजूरी

Lenskart Controversy: विवाद के बाद नई ड्रेस पॉलिसी, अब धार्मिक पहचान पर नहीं कोई रोक

CEO पियूष बंसल ने मांगी माफी, कंपनी ने जारी की नई स्टाइल गाइड

भारत की लोकप्रिय आईवियर ब्रांड Lenskart हाल ही में एक बड़े विवाद के केंद्र में आ गई थी। सोशल मीडिया पर एक पुरानी ‘ग्रूमिंग पॉलिसी’ के वायरल होने के बाद कंपनी को भारी आलोचना का सामना करना पड़ा। इस पॉलिसी को लेकर आरोप लगाया गया कि यह कर्मचारियों की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को सीमित करती है।

विवाद बढ़ने के बाद कंपनी के CEO पियूष बंसल ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और आश्वासन दिया कि कंपनी सभी कर्मचारियों की भावनाओं और पहचान का सम्मान करती है। अब, इस विवाद के कुछ दिनों बाद, Lenskart ने एक नई और विस्तृत इन-स्टोर स्टाइल गाइड जारी की है।

नई गाइडलाइन में क्या बदला?

नई स्टाइल गाइड में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब कर्मचारियों को अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान खुले तौर पर प्रदर्शित करने की अनुमति दी गई है। कंपनी ने साफ कहा है कि बिंदी, तिलक, सिंदूर, मंगलसूत्र, कड़ा, कलावा, हिजाब और पगड़ी जैसे सभी प्रतीक अब पूरी तरह स्वीकार्य हैं।

कंपनी ने अपने बयान में कहा, “हम एक साफ-सुथरा और प्रोफेशनल वातावरण बनाए रखना चाहते हैं, लेकिन इसके साथ ही हम विविधता और सांस्कृतिक पहचान का सम्मान करने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं।”

वर्कप्लेस ड्रेस कोड में मिली आज़ादी

Lenskart की नई गाइडलाइन के अनुसार, कर्मचारियों को अब अपनी पहचान को छिपाने की जरूरत नहीं है। कंपनी ने यह भी कहा कि ये चीजें कोई अपवाद नहीं बल्कि कर्मचारियों की पहचान का हिस्सा हैं।

कंपनी के अनुसार, भारत में उनके 2400 से अधिक स्टोर्स में अलग-अलग धर्म और संस्कृति के लोग काम करते हैं। इसलिए किसी से उसकी पहचान को “दरवाजे के बाहर छोड़ने” की अपेक्षा नहीं की जा सकती।

क्या पहन सकते हैं कर्मचारी?

  • Lenskart द्वारा जारी टी-शर्ट
  • साफ-सुथरे और व्यवस्थित कपड़े
  • डार्क ब्लू स्टैंडर्ड जींस
  • डार्क कलर के क्लोज्ड फुटवियर (मोजे के साथ)
  • हल्के एक्सेसरीज जैसे मंगलसूत्र, कड़ा, चूड़ी, कलावा
  • धार्मिक प्रतीक जैसे बिंदी, तिलक, सिंदूर
  • सुरक्षित होने की स्थिति में हिजाब और पगड़ी

इसके अलावा, बाल, दाढ़ी और व्यक्तिगत स्वच्छता को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। सभी कर्मचारियों को साफ-सुथरा और प्रोफेशनल लुक बनाए रखना जरूरी होगा।

क्या नहीं पहन सकते?

  • फटे या फीके कपड़े
  • अनधिकृत रंग या बड़े लोगो वाले टी-शर्ट
  • ओपन फुटवियर या चप्पल
  • बहुत ज्यादा चमकदार या आवाज करने वाले एक्सेसरीज
  • आपत्तिजनक या भेदभावपूर्ण संदेश वाले कपड़े
  • अनप्रोफेशनल कैजुअल हेडवियर

कर्मचारियों के लिए शिकायत का विकल्प

अगर किसी कर्मचारी को धार्मिक या व्यक्तिगत कारणों से इस गाइडलाइन का पालन करने में समस्या होती है, तो वह HR विभाग में शिकायत दर्ज करा सकता है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार का भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सोशल मीडिया पर कैसी प्रतिक्रिया?

नई गाइडलाइन जारी होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग कंपनी के इस कदम की सराहना कर रहे हैं, वहीं कुछ का कहना है कि यह फैसला पहले ही लिया जाना चाहिए था।

हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत जैसे विविधता वाले देश में एक सकारात्मक संदेश देता है और अन्य कंपनियों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है।

निष्कर्ष

Lenskart का यह नया कदम दर्शाता है कि कंपनियां अब केवल प्रोफेशनलिज्म पर ही नहीं बल्कि कर्मचारियों की व्यक्तिगत पहचान और सांस्कृतिक विविधता पर भी ध्यान दे रही हैं। यह बदलाव न केवल कार्यस्थल के माहौल को बेहतर बनाएगा बल्कि कर्मचारियों के आत्मविश्वास को भी बढ़ाएगा।

विवाद के बाद उठाया गया यह कदम Lenskart के लिए एक सुधारात्मक प्रयास है, जो भविष्य में कंपनी की छवि को मजबूत करने में मदद कर सकता है।