जम्मू-कश्मीर बस हादसा: उधमपुर में 21 की मौत, 29 घायल

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जम्मू-कश्मीर बस हादसा: 21 की मौत, कई घायल


जम्मू-कश्मीर में भीषण बस हादसा: 21 लोगों की मौत, 29 घायल, प्रशासन अलर्ट

उधमपुर: जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले से सोमवार को एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। रामनगर-उधमपुर हाईवे पर कागोर्ट इलाके में एक यात्री बस अनियंत्रित होकर सड़क से पलट गई, जिससे कम से कम 21 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 29 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हादसे ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैला दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह बस एक दूरदराज के गांव से उधमपुर की ओर जा रही थी। रास्ते में कागोर्ट गांव के पास अचानक चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया। इसके बाद बस सड़क से फिसलकर गहरी खाई की ओर पलट गई। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर ही कई यात्रियों की मौत हो गई।

तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह?

स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि बस काफी तेज गति से चल रही थी। संकरी और घुमावदार पहाड़ी सड़क पर तेज रफ्तार के कारण चालक संतुलन नहीं बना सका, जिसके चलते यह हादसा हुआ। हालांकि, प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाया जा रहा है।

राहत और बचाव कार्य जारी

हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ (State Disaster Response Force) की टीमें मौके पर पहुंच गईं। बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया और घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। कई घायल यात्रियों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

उधमपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) अस्पताल को अलर्ट पर रखा गया है, जहां घायलों का इलाज जारी है। गंभीर रूप से घायल कुछ मरीजों को बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट करने की भी तैयारी की जा रही है।

प्रशासनिक अधिकारी मौके पर

घटना की गंभीरता को देखते हुए जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। उपमंडल मजिस्ट्रेट (SDM) स्वयं राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने और त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया दुख

इस दुखद हादसे पर देश के शीर्ष नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस दुर्घटना पर दुख जताया और मृतकों के परिवारों के लिए 2 लाख रुपये तथा घायलों के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है।

केंद्रीय मंत्री और स्थानीय प्रशासन की नजर

केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद डॉ. जितेंद्र सिंह ने जिला प्रशासन के साथ संपर्क बनाकर स्थिति की जानकारी ली है। उन्होंने अधिकारियों को हर संभव मदद पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री और एलजी ने दिए निर्देश

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस हादसे को बेहद दुखद बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता प्रदान करेगी।

वहीं, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को तेजी से राहत कार्य करने और घायलों के बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

पहले भी हो चुके हैं हादसे

गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले यानी रविवार को राजौरी जिले में भी एक यात्री वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें 18 लोग घायल हुए थे। लगातार हो रहे सड़क हादसों ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और यातायात नियमों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जांच और आगे की कार्रवाई

प्रशासन ने इस हादसे की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं। शुरुआती तौर पर तेज रफ्तार और लापरवाही को दुर्घटना का कारण माना जा रहा है। वहीं, सड़क की स्थिति और वाहन की तकनीकी खामियों की भी जांच की जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी इलाकों में वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। नियमों का पालन और वाहन की नियमित जांच ऐसे हादसों को रोकने में मदद कर सकती है।

शोक की लहर

इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे जम्मू-कश्मीर में शोक का माहौल है। मृतकों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोग भी राहत और बचाव कार्य में प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं।

घायलों की हालत को देखते हुए मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है और बचाव कार्य लगातार जारी है।