भारत मध्य पूर्व व विश्व के अन्य हिस्सों में चुनौतिपूर्ण समय में सुरक्षा का द्वीप:

India an island of safety amid challenging times in Middle East, other parts of world: Delhi L-G

चंडीगढ़, पंजाब। दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने शुक्रवार शाम कहा कि मध्य पूर्व और दुनिया के अन्य हिस्सों में जारी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच भारत सुरक्षा का एक मजबूत द्वीप बना हुआ है।

संधू ने बताया कि वर्तमान वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भू-राजनीतिक एवं आर्थिक अनिश्चितताएँ व्याप्त हैं, लेकिन भारत ने स्थिरता की एक मॉडल स्थापित की है। उन्होंने प्रेस से बातचीत में कहा, “पूरी दुनिया में तमाम देश एक जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। हमें आभारी होना चाहिए कि ऐसे समय में जब मध्य पूर्व और अन्य स्थानों पर हालात कठिन हैं, भारत एक सुरक्षा का द्वीप बना हुआ है।”

2047 तक विकसित भारत के विजन पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि उद्योग और युवा वर्ग खास तौर पर इस लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

संधू ने कहा, “जब हम युवाओं की बात करते हैं तो हमारी मंशा सिर्फ शिक्षा प्राप्त युवाओं की नहीं है, बल्कि ऐसे युवाओं की है जिनके पास उचित कौशल हों। शिक्षा कौशल प्रदान करने का माध्यम है।”

उन्होंने बताया कि भारत में युवाओं की बड़ी संख्या है और हमारा एक विशाल संभावित ऊर्जा भंडार है। भारत विश्व के सबसे युवा देशों में से एक है और हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि युवाओं के पास केवल डिग्रियां नहीं बल्कि सही कौशल भी हो।

दिन के पहले संधू ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ का दौरा किया। उन्होंने कहा कि यह प्रतिष्ठित संस्थान लगातार चिकित्सा देखभाल, शिक्षा और शोध में मानक स्थापित करता आ रहा है।

संधू ने कहा कि इस संस्थान के स्वास्थ्यकर्मियों की समाज सेवा के प्रति प्रतिबद्धता अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा जगत के साथ रचनात्मक संवाद स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जबकि पर्यावरणीय जिम्मेदारी एक स्वस्थ और सतत भविष्य की हमारी साझा दृष्टि का अहम हिस्सा होनी चाहिए।

संधू ने चिकित्सकीय समुदाय के सदस्यों के साथ एक अनौपचारिक बातचीत की जिसमें प्रोफेसर विवेक लाल, पीजीआईएमईआर के निदेशक, मुख्य रूप से शामिल थे। यह बातचीत स्वास्थ्य सेवा, रोगी देखभाल, चिकित्सा शिक्षा, शोध और उभरती सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राथमिकताओं पर विचारों के खुले और रचनात्मक आदान-प्रदान के लिए एक उपयोगी मंच साबित हुई।

इस मीटिंग में संकाय सदस्य और चिकित्सकों ने स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर अपने अनुभव और दृष्टिकोण साझा किए और इन रास्तों पर चर्चा की कि कैसे नवाचार, सहयोग और साक्ष्य-आधारित नीतियों से स्वास्थ्य प्रणालियों को और मजबूत किया जा सकता है।

संधू ने पीजीआईएमईआर के लंबे समय से स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा में योगदान की सराहना की तथा इसके चिकित्सकों, शोधकर्ताओं और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की लगन की प्रशंसा की।

इस मौके पर निदेशक विवेक लाल ने कहा कि संस्थान रोगी देखभाल, चिकित्सा शिक्षा, शोध और जन स्वास्थ्य पहलों में उत्कृष्टता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जारी रखे हुए है।

विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में पीजीआईएमईआर परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।

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