
नंदीग्राम में EVM खराब होने से बढ़ा विवाद, टीएमसी ने चुनाव आयोग और बीजेपी पर साधा निशाना
नंदीग्राम, पश्चिम बंगाल: पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम क्षेत्र से चुनाव प्रक्रिया के दौरान ईवीएम मशीनों के खराब होने की खबर सामने आई है, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है। रामनगर इलाके से मिली जानकारी के अनुसार, कई मतदान केंद्रों पर ईवीएम मशीनों में तकनीकी खराबी देखी गई, खासकर मशीन का नंबर 1 बटन काम नहीं कर रहा था।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस खराबी के कारण मतदाता तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के उम्मीदवार को वोट नहीं दे पा रहे थे। बताया जा रहा है कि अन्य सभी बटन सामान्य रूप से काम कर रहे थे, लेकिन नंबर 1 बटन, जो टीएमसी उम्मीदवार के लिए निर्धारित था, पूरी तरह से निष्क्रिय था।
मतदाताओं में नाराजगी
इस घटना के बाद मतदान केंद्रों पर मौजूद मतदाताओं में नाराजगी और भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। कई लोगों ने आरोप लगाया कि वे अपनी पसंद के उम्मीदवार को वोट नहीं दे पा रहे हैं। कुछ मतदाताओं ने यह भी कहा कि उन्हें मजबूरी में अन्य दलों के उम्मीदवारों को वोट देना पड़ा।
एक स्थानीय मतदाता ने बताया, “हम सुबह से लाइन में खड़े थे, लेकिन जब वोट देने की बारी आई तो मशीन में समस्या आ गई। टीएमसी के उम्मीदवार का बटन काम नहीं कर रहा था, जिससे हमें काफी परेशानी हुई।”
बसंतपुर और हल्दिया में भी सामने आई समस्या
केवल रामनगर ही नहीं, बल्कि बसंतपुर और हल्दिया के 2 नंबर अंचल के एक बूथ से भी इसी तरह की शिकायत सामने आई है। यहां भी ईवीएम मशीन के खराब होने की खबर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
इन घटनाओं के बाद चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय प्रशासन और चुनाव अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है और मशीनों को बदलने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
टीएमसी का आरोप – साजिश के तहत हो रहा खेल
इस पूरे मामले पर टीएमसी उम्मीदवार और पार्टी नेताओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यह सब एक सोची-समझी साजिश के तहत किया जा रहा है, ताकि मतदाताओं को उनके उम्मीदवार के पक्ष में वोट देने से रोका जा सके।
टीएमसी नेताओं ने चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह लोकतंत्र के खिलाफ एक बड़ा हमला है। पार्टी के एक नेता ने कहा, “अगर मशीन का केवल एक ही बटन खराब हो और वह भी हमारे उम्मीदवार का, तो यह महज संयोग नहीं हो सकता। यह स्पष्ट रूप से साजिश है।”
चुनाव आयोग ने शुरू की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए चुनाव आयोग ने जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जहां-जहां मशीन में खराबी की शिकायत मिली है, वहां तुरंत वैकल्पिक ईवीएम मशीनें लगाई जा रही हैं और मतदान प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।
चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने कहा, “हम हर शिकायत को गंभीरता से ले रहे हैं। तकनीकी टीम को मौके पर भेजा गया है और दोषपूर्ण मशीनों को बदल दिया गया है। निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव हमारी प्राथमिकता है।”
राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
इस घटना के बाद नंदीग्राम सहित पूरे क्षेत्र में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। विपक्षी दल जहां चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं प्रशासन स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए सतर्क है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं चुनावी प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा कम कर सकती हैं, इसलिए जरूरी है कि चुनाव आयोग इस मामले में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई करे।
फिलहाल, सभी की नजरें जांच के परिणाम पर टिकी हैं और यह देखना अहम होगा कि क्या यह तकनीकी गड़बड़ी थी या वास्तव में किसी साजिश का हिस्सा।
दुर्गापुर के 161 नंबर बूथ पर भी ईवीएम मशीन खराब होने की खबर सामने आई है, जिसके कारण मतदान प्रक्रिया शुरू होने में काफी देर हुई। ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि क्या चुनाव आयोग की लापरवाही सामने आ रही है? इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद सबसे महत्वपूर्ण चीज यानी ईवीएम मशीन में खराबी होना चिंता का विषय बन गया है।
