पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: 3 बजे तक वोटिंग 75% पार, जानें किस जिले में सबसे ज्यादा मतदान

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: 3 बजे तक वोटिंग प्रतिशत अपडेट


पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: 3 बजे तक वोटिंग प्रतिशत का बड़ा अपडेट

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर मतदान प्रक्रिया जोरों पर है।
राज्य के विभिन्न जिलों में मतदाताओं का उत्साह साफ देखने को मिल रहा है।
दोपहर 3 बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार, कई जिलों में वोटिंग प्रतिशत 70% के पार पहुंच चुका है,
जो लोकतंत्र के प्रति लोगों की बढ़ती जागरूकता और भागीदारी को दर्शाता है।

चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राज्य में कुल मतदान प्रतिशत
लगभग 70% से 73% के बीच दर्ज किया गया है। खास बात यह है कि ग्रामीण इलाकों में मतदान का प्रतिशत
शहरी क्षेत्रों की तुलना में अधिक देखा गया है।

जिलावार वोटिंग प्रतिशत (3 बजे तक)

क्रमांक जिला वोटिंग प्रतिशत
1 दार्जिलिंग 68%
2 अलीपुरद्वार 69%
3 कूचबिहार 70%
4 बांकुड़ा 73%
5 बीरभूम 73%
6 जलपाईगुड़ी 70%
7 दक्षिण दिनाजपुर 72%
8 कालिम्पोंग 68%
9 मालदा 67%
10 मुर्शिदाबाद 72%
11 पश्चिम बर्धमान 69%
12 पश्चिम मेदिनीपुर 75%
13 पूर्व मेदिनीपुर 72%
14 पुरुलिया 69%
15 उत्तर दिनाजपुर 69%
16 झारग्राम 74%

मुख्य बातें (Key Highlights)

  • सबसे ज्यादा मतदान: पश्चिम मेदिनीपुर (75%)
  • सबसे कम मतदान: मालदा (67%)
  • कुल राज्य औसत मतदान: लगभग 70% – 73%

इस बार के चुनाव में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही है। कई मतदान केंद्रों पर
सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिलीं। चुनाव आयोग ने मतदान प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित
करने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

कुछ इलाकों से ईवीएम मशीनों में तकनीकी खराबी की खबरें भी सामने आई हैं, लेकिन अधिकारियों ने
समय रहते उन्हें ठीक कर दिया और मतदान प्रक्रिया को प्रभावित नहीं होने दिया।
प्रशासन ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे बिना किसी डर या दबाव के अपने मताधिकार का उपयोग करें।

राजनीतिक दलों के लिए यह चुनाव काफी अहम माना जा रहा है। सभी प्रमुख पार्टियों ने जीत के लिए
पूरी ताकत झोंक दी है। अब सबकी नजरें अंतिम मतदान प्रतिशत और चुनाव परिणामों पर टिकी हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अधिक मतदान प्रतिशत आमतौर पर बदलाव का संकेत देता है,
हालांकि इसका सीधा असर परिणामों पर क्या होगा, यह तो आने वाले दिनों में ही साफ होगा।

फिलहाल, पश्चिम बंगाल के मतदाता लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं,
जो राज्य की राजनीतिक जागरूकता को दर्शाता है।