कैन 2026: मिलिए FTII की मेहर मल्होत्रा से, जिनकी पंजाबी शॉर्ट फिल्म भारत की इकलौती

Cannes 2026: Meet FTII’s Mehar Malhotra, whose Punjabi short is India’s only film in competition

पुणे, महाराष्ट्र – प्रसिद्ध फिल्म इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) की छात्रा मेहर मल्होत्रा की पंजाबी शॉर्ट फिल्म “Shadows of the Moonless Nights” कैन 2026 फिल्म फेस्टिवल में भारत की एकमात्र प्रतियोगी फिल्म के रूप में चुनी गई है। मल्होत्रा ने खुद को “न्यूरोस्पाइसी” कहकर अपनी अलग पहचान बनाई है और वे मानती हैं कि फिल्म निर्माण उनके लिए एक तरह की थेरेपी है।

मेहर मल्होत्रा ने बताया कि फिल्म बनाना उनके लिए न सिर्फ एक कला है बल्कि मानसिक और भावनात्मक राहत देने वाला माध्यम भी है। उनकी यह फिल्म कई महत्वपूर्ण सामाजिक और भावनात्मक मुद्दों को छूती है। “Shadows of the Moonless Nights” की कहानी गहराई से संवेदनशील और प्रभावशाली है, जिसने ज्यूरी को विशेष प्रभावित किया।

FTII की यह सफलता नई नहीं है। इससे पहले भी दो अन्य FTII की फिल्मों ने फ्रांस के प्रतिष्ठित ला सिनेफेस्टिवल में पुरस्कार जीते हैं, जिसने संस्थान की गुणवत्ता और प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित किया है। यह बार भी FTII का नाम रोशन करने वाली उपलब्धि के तौर पर देखी जा रही है।

मेहर मल्होत्रा ने कहा, “मैंने हमेशा से फिल्मों को अपने मानसिक स्वास्थ्य की एक बड़ी जरिया माना है। जब मैं फिल्म बनाती हूं तो यह मेरे लिए खुद को समझने और महसूस करने का तरीका बन जाता है। मेरी इस फिल्म का मकसद भी दर्शकों को अपने अंधेरे पलों में उम्मीद की किरण दिखाना है।”

कैन फिल्म फेस्टिवल में जूरी के समक्ष भारत की यह एकमात्र प्रविष्टि होने के नाते, मल्होत्रा की फिल्म पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। फिल्म प्रेमी और विशेषज्ञ इस फेस्टिवल में उनकी सफलता की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस प्रकार की मान्यता से आने वाले नए फिल्मकारों के लिए भी रास्ते खुलेंगे, साथ ही भारत में स्वतंत्र और प्रयोगशील फिल्मों के निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा। मेहर मल्होत्रा की यह कहानी एक प्रेरणा है कि कला कैसे जीवन के अंधकार में प्रकाश ला सकती है।

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