रश्मिका मंदन्ना साक्षात्कार: क्रंचरोल एनीमे अवार्ड्स 2026, नारुतो के साथ बचपन और एनीमे के माध्यम

Rashmika Mandanna interview: On the Crunchyroll Anime Awards 2026, growing up with Naruto and learning emotion through anime

टोक्यो, जापान – क्रंचरोल एनीमे अवार्ड्स 2026 में भाग लेने के लिए टोक्यो आईं प्रसिद्ध अभिनेत्री रश्मिका मंदन्ना ने अपने एनीमे सफर के बारे में खुलकर बातचीत की। रश्मिका ने बताया कि कैसे उन्होंने ‘नारुतो: शिप्पुडेन’ के जरिये जीवन के महत्वपूर्ण सबक सीखें और कैसे वह प्रसिद्ध अभिनेता विजय देवरकोंडा को भी एनीमे की दीवानी बनाने की कोशिश कर रही हैं।

रश्मिका मंदन्ना ने इस अवसर पर कहा, “मेरा एनीमे प्रेम बचपन से है। ‘नारुतो: शिप्पुडेन’ मेरे लिए सिर्फ एक एनीमे नहीं, बल्कि भावना और जीवन के कई पहलुओं को समझने का जरिया रहा है। इस सीरीज ने मुझे धैर्य, संघर्ष और उम्मीद जैसी बारीकियां महसूस करवाईं।”

उन्होंने आगे कहा, “जब मैं छोटी थी तब ये शो मेरी दुनिया का एक अहम हिस्सा था। हर एपिसोड एक नई सीख देता था। इन कहानियों ने मुझे इंसानियत की गहराइयों से अवगत कराया। यही वजह है कि मैं आज भी एनीमे की जादूगरी से जुड़ी हूं।”

रश्मिका ने एक दिलचस्प बात यह भी साझा की कि वह अपने दोस्त और अभिनेता विजय देवरकोंडा को एनीमे की ओर आकर्षित करने में लगी हैं। “मैंने विजय को भी एनीमे की दुनिया से परिचित कराना शुरू कर दिया है। उसे ‘नारुतो’ और अन्य एनीमे देखने के लिए प्रेरित कर रही हूं, ताकि वे भी इस अनोखी संस्कृति का हिस्सा बन सकें,” उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा।

क्रंचरोल एनीमे अवार्ड्स 2026 टोक्यो में आयोजित किया गया था, जहां दुनिया भर के एनीमे प्रेमी और कलाकार शामिल हुए। इस मंच पर रश्मिका मंदन्ना की मौजूदगी ने भारतीय फैंस में खुशी की लहर दौड़ा दी। उन्होंने एनीमे के महत्त्व को समझाते हुए यह भी कहा कि इस माध्यम ने युवाओं में भावनात्मक संवाद और सांस्कृतिक समझ के नए द्वार खोले हैं।

इस मौके पर रश्मिका ने कहा, “मैं चाहती हूं कि भारत में भी एनीमे और इसकी कला को उतना ही सम्मान मिले जितना जापान और अन्य देशों में मिलता है। इससे हमारे युवा भी वैश्विक स्तर पर अपनी भावनाओं और कल्पनाओं को अभिव्यक्त कर सकेंगे।”

रश्मिका मंदन्ना का यह साक्षात्कार उनके प्रशंसकों और एनीमे प्रेमियों के लिए एक प्रेरणा के रूप में काम करता है, जो यह दर्शाता है कि एनीमे केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सीखने और आत्मविकास का जरिया भी है।

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