नई दिल्ली, भारत – पिछले साल हुए भयावह बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान हादसे की जाँच में लगे भारतीय जांचकर्ता हादसे की पहली वर्षगाँठ से पहले एक अंतरिम रिपोर्ट जारी करने की तैयारी कर रहे हैं। इस अप्रत्याशित विमान दुर्घटना में 260 लोगों की जान चली गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, यह दस्तावेज़ विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) द्वारा तैयार किया जा रहा है, जो पिछले जुलाई में जारी की गई प्रारंभिक रिपोर्ट से अधिक विस्तार से दुर्घटना के संभावित कारणों और अन्य सहायक कारकों की जांच करेगा।
इस 15 पृष्ठीय प्रारंभिक रिपोर्ट में पहले ही मुकदमा चलाने वाले सबसे घातक हवाई हादसे में यह पाया गया था कि विमान के ईंधन स्विचों के लगभग एक साथ मूव होने के कारण ईंधन आपूर्ति अचानक बाधित हो गयी थी। यह हादसा अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरने के कुछ समय बाद 12 जून 2025 को हुआ था।
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के अधिकारियों ने प्रारंभिक जाँच में विमान चालकों के कॉकपिट की आवाज़ सुनने के आधार पर संकेत दिया था कि कप्तान ने इंजन के लिए ईंधन की आपूर्ति रोक दी थी। हालांकि AAIB ने तब स्पष्ट किया था कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
भारतीय अधिकारियों ने अंतिम रिपोर्ट की जगह अंतरिम रिपोर्ट जारी करना चुना है ताकि राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड (NTSB) के साथ प्राथमिक चरण में रिपोर्ट साझा करने की आवश्यकता न हो, क्योंकि विमान का डिजाइन और निर्माण संयुक्त राज्य अमेरिका में हुआ है। हालांकि, अंतिम रिपोर्ट पर NTSB की समीक्षा और टिप्पणी की अनुमति दी जाएगी, जो दुर्घटना पीड़ितों के परिवारों के लिए स्पष्टता औरclosure प्रदान करेगी।
अंतिम रिपोर्ट वर्षगाँठ से पहले तैयार होना मुश्किल
मौजूदा जानकारी के अनुसार, यह अंतिम रिपोर्ट पहली वर्षगाँठ से पहले जारी होना असंभव है। जांच अभी भी जटिल है और चल रही है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार को अंतरिम रिपोर्ट सौंपने के बाद ही अंतिम रिपोर्ट पर काम पूरा किया जा सकेगा। जांच को पूरा करने में अधिक समय लगेगा क्योंकि इसे बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय विमानन नियमों के अनुसार, एक दुर्घटना रिपोर्ट को एक साल के भीतर जारी करना जरूरी होता है, लेकिन यदि जांच पूरी न हो पाये तो हर वर्षगाँठ पर interim स्टेटमेंट जारी करना बाध्यकारी होता है। अंतरिम रिपोर्ट पर अन्य सहभागी देशों की समीक्षा व प्रतिक्रिया की जरूरत नहीं होती, जो कि अंतिम रिपोर्ट की प्रक्रिया का हिस्सा होती है।
परामर्श और सहयोग
अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन (ICAO) के अनुसार, जाँच में शामिल देशों के बीच परामर्श प्रक्रिया अनिवार्य है, जिसमें 30 से 60 दिनों की समीक्षा अवधि होती है। हालांकि, AAIB और NTSB ने वर्तमान जांच पर कोई टिप्पणी नहीं की है। बोइंग, जो इस मामले में तकनीकी सलाहकार है, ने सभी प्रश्न AAIB को भेजने की बात कही है।
इस प्रक्रिया को 2019 के बोइंग 737 मैक्स दुर्घटना के समय भी अपनाया गया था, जब शुरुआती रिपोर्ट एक साल के अंदर आई लेकिन अंतिम रिपोर्ट दिसंबर 2022 में जारी हुई। उस मामले में NTSB ने जांच रिपोर्ट की कुछ बातों पर सार्वजनिक आलोचना भी की थी।
