अमेरिका हवाई अड्डों पर इबोला की जांच करेगा, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में एक अमेरिकी

U.S. to screen for Ebola at airports, one American in Democratic Republic of Congo infected

वॉशिंगटन, यूएसए – अमेरिकी केंद्रों पर नियंत्रण और रोकथाम (CDC) द्वारा घोषित नई सुरक्षा उपायों के अनुसार, अमेरिका के हवाई अड्डों पर इबोला वायरस संक्रमण की जांच कड़ी कर दी जाएगी। यह कदम World Health Organization (WHO) द्वारा डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में फैले घातक इबोला वायरस प्रकोप को एक अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य आपात स्थिति घोषित करने के बाद उठाया गया है।

अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि CDC ने यह निर्णय वैश्विक सुरक्षा सुनिश्चित करने और वायरस के अमेरिका में फैलाव को रोकने के लिए लिया है। साथ ही, खबर मिली है कि DRC में एक अमेरिकी नागरिक इबोला वायरस से संक्रमित पाया गया है, जिससे खतरे की गंभीरता और बढ़ गई है।

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में इबोला वायरस प्रकोप पिछले कुछ महीनों से बढ़ता जा रहा है। WHO की हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के पूर्वी भाग में वायरस तेजी से फैल रहा है और इसके कारण स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर स्वास्थ्य संकट उत्पन्न हो गया है। ऐसे में अमेरिका ने अपनी सीमा सुरक्षा को मजबूत बनाना आवश्यक माना है।

CDC के अधिकारियों ने बताया कि अब अमेरिका के सीमावर्ती हवाई अड्डों पर आने वाले सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी और जिनके लक्षण पाए जाएंगे, उन्हें तुरंत अलग कर उनकी जांच की जाएगी। इसके साथ ही, यात्रियों से यात्रा के इतिहास और किसी भी संदिग्ध संपर्क संबंधी जानकारी भी ली जाएगी।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते कदम उठाना वायरस से निपटने में मददगार साबित होगा। इबोला वायरस को अत्यंत संक्रामक और जानलेवा माना जाता है, इसलिए सावधानी और जागरूकता बेहद जरूरी है। स्वास्थ्य मंत्रालय और CDC ने आम जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें।

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो के स्वास्थ्य विभाग ने भी यह पुष्टि की है कि एक अमेरिकी नागरिक संक्रमित पाया गया है, जो वहां मानवीय सहायता कार्य में लगा हुआ था। उसे तुरंत इलाज के लिए विशेष केंद्र में भर्ती कराया गया है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, इस तरह की अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य आपात चेतावनियों का मकसद वैश्विक स्तर पर सहयोग बढ़ाना और वायरस के प्रसार को रोकना है। अमेरिका के इस कड़े कदम को भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

निष्कर्ष में कहा जा सकता है कि वर्तमान वैश्विक स्वास्थ्य परिदृश्य को देखते हुए सभी देशों को आपस में तालमेल बढ़ाना होगा ताकि इबोला जैसे घातक वायरस को नियंत्रित किया जा सके और वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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