बर्धमान में वोटर लिस्ट से नाम कटने पर नहीं रुकेगी सरकारी योजनाएं: DM श्वेता अग्रवाल

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बर्धमान में मतदाता सूची अपडेट पर प्रशासन का बयान


बर्धमान में वोटर लिस्ट से नाम हटने को लेकर बड़ा अपडेट! जिलाधिकारी श्वेता अग्रवाल ने साफ कहा—सरकारी योजनाओं पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। जानें कैसे दोबारा जुड़ सकता है आपका नाम और जिले में कितने नए मतदाता जुड़े।

बर्धमान में मतदाता सूची से नाम कटने पर नहीं रुकेगी सरकारी सुविधाएं: जिलाधिकारी श्वेता अग्रवाल

बर्धमान: पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिले में मतदाता सूची को लेकर उठ रहे सवालों के बीच जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची से नाम हटने का सरकारी योजनाओं से कोई संबंध नहीं है। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्वेता अग्रवाल ने मीडिया सम्मेलन में साफ तौर पर कहा कि जिन लोगों का नाम मतदाता सूची से हट गया है, उन्हें किसी भी सरकारी योजना या सुविधा से वंचित नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कई बार तकनीकी या दस्तावेज़ संबंधी कारणों से मतदाता सूची से नाम हट सकता है, लेकिन इसका यह अर्थ बिल्कुल नहीं है कि संबंधित व्यक्ति की सरकारी पहचान या अधिकार समाप्त हो जाते हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है और उचित प्रक्रिया के माध्यम से आसानी से नाम को दोबारा जोड़ा जा सकता है।

नाम हटने पर क्या करें?

जिलाधिकारी ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से हट गया है, तो वह निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन कर पुनः आवेदन कर सकता है। इसके लिए संबंधित व्यक्ति को आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करना होगा। आवेदन की जांच के बाद उसका नाम फिर से मतदाता सूची में शामिल कर लिया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने के लिए प्रशासन लगातार काम कर रहा है, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

सरकारी योजनाओं पर कोई असर नहीं

मीडिया से बात करते हुए श्वेता अग्रवाल ने जोर देकर कहा कि मतदाता सूची में नाम होना और सरकारी योजनाओं का लाभ लेना, दोनों अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राशन, स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास या अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए मतदाता सूची में नाम होना अनिवार्य नहीं है।

इस बयान के बाद उन लोगों को राहत मिली है, जो इस बात को लेकर चिंतित थे कि नाम हटने के कारण उन्हें सरकारी सुविधाओं से वंचित होना पड़ सकता है।

जिले में नए मतदाताओं की संख्या

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, बर्धमान जिले में इस बार बड़ी संख्या में नए मतदाता जुड़े हैं। कुल मिलाकर जिले में 34,241 नए मतदाता पंजीकृत किए गए हैं। इनमें से 33,345 पूरी तरह नए मतदाता हैं, जबकि 894 मतदाता ऐसे हैं जिन्होंने दूसरे स्थान से यहां स्थानांतरण कराया है।

यह आंकड़े दर्शाते हैं कि जिले में मतदाता जागरूकता बढ़ रही है और लोग लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए आगे आ रहे हैं।

किस विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा नए मतदाता?

जिले के 16 विधानसभा क्षेत्रों में से रैना विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक नए मतदाता जुड़े हैं। यहां कुल 2,812 नए मतदाता पंजीकृत किए गए हैं। इसके बाद आउशग्राम, कटोवा, खंडघोष और बर्धमान दक्षिण विधानसभा क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय संख्या में नए मतदाता शामिल हुए हैं।

प्रशासन का मानना है कि इन क्षेत्रों में चलाए गए जागरूकता अभियान और बूथ स्तर पर की गई सक्रियता का सकारात्मक परिणाम सामने आया है।

प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने नाम की जांच समय-समय पर मतदाता सूची में करते रहें। यदि कोई त्रुटि मिलती है, तो तुरंत सुधार के लिए आवेदन करें।

इसके साथ ही प्रशासन ने यह भी कहा कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।

लोकतंत्र में भागीदारी जरूरी

अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि मतदान करना हर नागरिक का अधिकार और कर्तव्य है। इसलिए यह जरूरी है कि हर योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो। उन्होंने युवाओं और नए मतदाताओं से विशेष रूप से अपील की कि वे आगे आकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बनें।

बर्धमान जिले में मतदाता सूची को लेकर प्रशासन की इस स्पष्टता ने आम लोगों के बीच विश्वास को मजबूत किया है और यह संदेश दिया है कि सरकारी सुविधाएं किसी भी हालत में प्रभावित नहीं होंगी।