विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश। इस वर्ष मार्च से मई के बीच विशाखापत्तनम जिले में बीयर की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। सरकारी शुल्क विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में बीयर की बिक्री 6,43,158 केस तक पहुंच गई, जबकि पिछले वर्ष इसी समय यह संख्या 4,51,912 केस तक सीमित थी। इस तरह इस गर्मी के सीजन में बीयर की बिक्री में लगभग 42 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस उछाल के पीछे प्रमुख कारण इस गर्मी की तेज गर्मी और निजी शराब दुकानों में ठंडी बीयर का पर्याप्त स्टॉक होना है। जनता में ठंडा पेय पदार्थ का चलन बढ़ा है, जिससे बीयर की मांग में इजाफा हुआ है।
विशाखापत्तनम क्षेत्र में गर्मी के मौसम में खास तौर पर बीयर की बिक्री बढ़ना सामान्य बात मानी जाती है, लेकिन इस बार 42 प्रतिशत की वृद्धि को देखकर अधिकारियों ने सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि शराब की अधिक बिक्री के कारण सामाजिक और स्वास्थ्य संबन्धित मुद्दे भी सामने आ सकते हैं, इसलिए नियामक प्राधिकरण द्वारा निगरानी और नियंत्रण और कड़े किए जाएंगे।
शहर के कई थोक विक्रेताओं और खुदरा दुकानदारों ने भी बढ़ी हुई मांग की पुष्टि की है। उन्होंने कहा, “इस बार ग्राहकों की संख्या में पहले की तुलना में काफी बढ़ोतरी हुई है। गर्मी के मौसम में लोग ठंडे पेय की तरफ ज्यादा आकर्षित होते हैं, जिससे बिक्री बढ़ी है।”
विशाखापत्तनम के आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मार्च से मई के बीच की बिक्री वृद्धि में विभिन्न प्रकार की बीयर शामिल हैं, जिनमें प्रमुख ब्रांडों की अधिग्रहण दर में भी notable वृद्धि देखी गई है। यह वृद्धि न केवल व्यापार के लिए लाभदायक है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में अल्कोहल की मांग सामान्य रूप से बढ़ जाती है, लेकिन इससे जुड़ी जिम्मेदारी भी बनी रहती है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे शराब का सेवन संयमित रूप से करें और अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखें।
कुल मिलाकर, यह देखा गया है कि इस गर्मी में न सिर्फ बीयर की मांग बढ़ी है बल्कि इसके पीछे तापमान में वृद्धि और ठंडे पेय पदार्थों की उपलब्धता मुख्य कारक रहे हैं। आबकारी विभाग आगामी गर्मी के मौसम के लिए आवश्यक प्रबंधों में तेजी ला रहा है ताकि आपूर्ति सुचारू रूप से बनी रहे तथा सामाजिक अनुशासन भी सुनिश्चित हो सके।
