Free Bus Yatra Mahila योजना के तहत 1 जून 2026 से पश्चिम बंगाल की सरकारी बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा सुविधा मिलेगी।

सोमवार को नवान्न में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने पहली प्रशासनिक और मंत्रिमंडल बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में विभिन्न विभागों के मंत्री, मुख्य सचिव और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार, बैठक में राज्य की परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने, आम लोगों पर आर्थिक बोझ कम करने और महिलाओं को अधिक सुविधाएं देने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। इसी दौरान महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की योजना को मंजूरी दी गई।
राज्य सरकार का कहना है कि इस योजना का सबसे बड़ा उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से राहत देना और उन्हें सुरक्षित एवं आसान सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि “राज्य की माताओं और बहनों की सुविधा हमारी सरकार की प्राथमिकता है। महिलाएं बिना आर्थिक दबाव के शिक्षा, नौकरी और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आसानी से यात्रा कर सकें, इसी सोच के साथ यह फैसला लिया गया है।”
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह सुविधा पश्चिम बंगाल राज्य परिवहन निगम की सभी सरकारी बसों में लागू होगी। इसके अलावा कुछ चयनित सरकारी परिवहन सेवाओं को भी इस योजना के दायरे में लाने पर विचार किया जा रहा है। परिवहन विभाग को निर्देश दिया गया है कि 1 जून से पहले सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली जाएं ताकि योजना बिना किसी परेशानी के शुरू की जा सके।
इस घोषणा के बाद राज्य के कई हिस्सों में महिलाओं ने खुशी जाहिर की है। कोलकाता, हावड़ा, सिलीगुड़ी, दुर्गापुर और आसनसोल समेत कई शहरों में कामकाजी महिलाओं, छात्राओं और गृहिणियों ने सरकार के फैसले का स्वागत किया। उनका कहना है कि रोजाना बस किराए में होने वाला खर्च बचने से घर के बजट पर काफी राहत मिलेगी। खासकर ग्रामीण इलाकों की महिलाओं और निम्न मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह योजना बेहद लाभकारी साबित हो सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सत्ता में आने के बाद भाजपा सरकार का यह पहला बड़ा लोकलुभावन कदम है। चुनाव प्रचार के दौरान महिलाओं को विशेष सुविधाएं देने का वादा किया गया था और अब सरकार उस दिशा में तेजी से काम करती दिखाई दे रही है। भाजपा नेताओं का दावा है कि आने वाले दिनों में राज्य में कई और जनकल्याणकारी योजनाएं लागू की जाएंगी।
हालांकि विपक्ष ने इस योजना को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। विपक्षी दलों का कहना है कि यह फैसला सिर्फ राजनीतिक लाभ लेने के लिए किया गया है। उनका आरोप है कि सरकार पहले राज्य की आर्थिक स्थिति स्पष्ट करे और बताए कि इस योजना का खर्च कैसे उठाया जाएगा। कुछ विपक्षी नेताओं ने यह भी कहा कि केवल घोषणा करने से काम नहीं चलेगा, सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि योजना जमीन पर सही तरीके से लागू हो।
इधर प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि योजना को सफल बनाने के लिए परिवहन विभाग विशेष तैयारी कर रहा है। महिलाओं की पहचान और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए स्मार्ट कार्ड या विशेष पास जारी किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है। माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा शुरू होने से सरकारी बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ सकती है। इससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी और ट्रैफिक तथा प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिल सकती है। परिवहन विशेषज्ञों के अनुसार यदि योजना सही तरीके से लागू होती है तो यह राज्य की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव साबित हो सकती है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बैठक में केवल परिवहन से जुड़े फैसले ही नहीं लिए, बल्कि कई अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी जोर दिया। सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार की योजनाओं जैसे आयुष्मान भारत, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और विश्वकर्मा योजना को राज्य में तेजी से लागू करने को लेकर भी निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सरकारी खर्च में पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाने पर भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है।
कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल की नई सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक से ही महिलाओं को बड़ा संदेश देने की कोशिश की है। 1 जून 2026 से महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की शुरुआत यदि सफलतापूर्वक लागू होती है, तो इसे राज्य की परिवहन व्यवस्था में एक ऐतिहासिक कदम माना जा सकता है। अब पूरे राज्य की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार इस महत्वाकांक्षी योजना को जमीन पर कितनी प्रभावी तरीके से लागू कर पाती है।
