लातूर, महाराष्ट्र। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने NEET प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच तेज कर दी है और इस मामले में लातूर स्थित RCC कोचिंग संस्थान के मालिक शिवराज मोतेगांवकर को हिरासत में लिया गया है। मोतेगांवकर पर कथित मास्टरमाइंड पी.वी. कुलकर्णी के साथ संबंध रखने का आरोप है, जिन्हें पहले ही इस मामले में गिरफ्तार किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, RCC कोचिंग संस्थान के मॉक टेस्ट प्रश्नों में से 42 सवाल शब्दशः वास्तविक NEET परीक्षा में पाए गए, जिससे प्रश्नपत्र लीक की संभावना पर गंभीर शक पैदा हुआ है। CBI ने शिवराज मोतेगांवकर से कई बार पूछताछ की है और संस्थान पर छापामारी भी की है। इस कोचिंग के लगभग 40 केंद्र हैं, जो हजारों छात्रों को शिक्षा प्रदान करते हैं।
जांचकर्ताओं का दावा है कि डिजिटल और वीडियो साक्ष्य इस बात की ओर इशारा करते हैं कि आरोपी लोगों के बीच पूरी योजना बनी हुई थी। पिछले समय में कुलकर्णी और कोचिंग संस्थान के मालिक के बीच संबंध भी सामने आए हैं। इस घोटाले में लातूर के कई डॉक्टर और उनके परिवार वाले भी संदिग्ध हैं, जिनके कथित रूप से धन संबंधी लेन-देन से जुड़े होने की जांच चल रही है।
CBI अपनी जांच को और व्यापक कर रही है और अधिक लोगों को समन भेजकर पूछताछ कर रही है। यह मामला शिक्षा जगत में परीक्षाओं की निष्पक्षता पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। जांच अभी जारी है और सभी पक्षों की जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।
प्रत्यक्षदर्शियों और सूत्रों की मानें तो इस मामले से जुड़ी जानकारियों को गोपनीय रखा गया है, ताकि जांच प्रभावित न हो। राज्य और केंद्र सरकार के उच्च अधिकारियों की नजर इस जांच पर बनी हुई है।
विद्यार्थी व अभिभावक इस प्रकरण को लेकर चिंतित हैं और शिक्षा प्रणाली की पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। CBI की कार्रवाई से उम्मीद है कि जल्द ही इस प्रश्नपत्र लीक कांड का पर्दाफाश होगा और दोषियों को सजा मिलेगी।
