नुसरत जहां को ED का समन: राशन घोटाले में 22 अप्रैल को पूछताछ

1000189875

1000189875




नुसरत जहां को ईडी का समन: राशन घोटाले में पूछताछ

राशन घोटाले में नुसरत जहां को ईडी का समन, 22 अप्रैल को होगी पूछताछ

दिल्ली में पेश होने की संभावना, पहले भी फ्लैट धोखाधड़ी मामले में हो चुकी है पूछताछ

कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की पूर्व सांसद और टॉलीवुड अभिनेत्री नुसरत जहां एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निशाने पर आ गई हैं। राशन घोटाले से जुड़े मामले में ईडी ने उन्हें 22 अप्रैल, बुधवार को पूछताछ के लिए तलब किया है। उन्हें साल्टलेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में उपस्थित होने के लिए कहा गया है। हालांकि, इस पूरे मामले पर अभी तक नुसरत जहां की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

सूत्रों के अनुसार, नुसरत जहां ईडी के समन का जवाब देंगी, लेकिन वह कोलकाता के बजाय दिल्ली स्थित एजेंसी के मुख्यालय में पेश हो सकती हैं। उनके करीबी लोगों का कहना है कि वह जांच में सहयोग करेंगी, लेकिन स्थान को लेकर अंतिम निर्णय अभी स्पष्ट नहीं है।

यह मामला कोरोना काल के दौरान कथित राशन घोटाले से जुड़ा हुआ है। उस समय भारत-बांग्लादेश सीमा पर गेहूं की तस्करी के आरोप में कई ट्रकों को जब्त किया गया था। उस दौरान नुसरत जहां बशीरहाट लोकसभा क्षेत्र की सांसद थीं। ईडी की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर अब एजेंसी इस पूरे मामले में उनकी भूमिका को लेकर सवाल करना चाहती है।

जांच एजेंसी के सूत्रों का दावा है कि राशन प्रणाली में गड़बड़ी और खाद्यान्न की अवैध तस्करी के मामले में कई नाम सामने आए हैं। इसी कड़ी में नुसरत जहां से पूछताछ की तैयारी की गई है। एजेंसी यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या इस पूरे नेटवर्क में उनकी कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका थी।

गौरतलब है कि हाल ही में नुसरत जहां अपने साथी अभिनेता यश दासगुप्ता के साथ विदेश यात्रा पर गई थीं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वह कोलकाता लौट चुकी हैं या नहीं। ऐसे में यह भी सवाल बना हुआ है कि वह तय तारीख पर पूछताछ में शामिल होंगी या नहीं।

यह पहली बार नहीं है जब नुसरत जहां ईडी की जांच के दायरे में आई हैं। इससे पहले वर्ष 2023 में उन्हें एक फ्लैट धोखाधड़ी मामले में भी पूछताछ के लिए बुलाया गया था। उस दौरान ईडी अधिकारियों ने उनसे करीब छह घंटे तक पूछताछ की थी।

इस मामले में आरोप था कि 2014-15 के दौरान एक कंपनी ने 400 से अधिक वरिष्ठ नागरिकों से लगभग 5.5 लाख रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से पैसे लिए थे। बदले में उन्हें 1000 वर्ग फुट का फ्लैट देने का वादा किया गया था। लेकिन बाद में न तो फ्लैट दिए गए और न ही पैसे वापस किए गए।

बताया गया था कि उस कंपनी में नुसरत जहां निदेशक पद पर थीं। हालांकि, उन्होंने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था और खुद को निर्दोष बताया था। उनका कहना था कि उन्हें भरोसा था कि ईडी उन्हें इस मामले में नहीं बुलाएगी, लेकिन बाद में उन्हें पूछताछ के लिए तलब किया गया।

राजनीतिक दृष्टिकोण से भी यह मामला काफी संवेदनशील माना जा रहा है। पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच ईडी की सक्रियता को लेकर सियासत तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी राजनीतिक लाभ के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पार्टी के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी कई बार सार्वजनिक मंचों से यह आरोप लगा चुके हैं कि विपक्ष को दबाने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।

इसी बीच तृणमूल सांसद और वरिष्ठ वकील कल्याण बनर्जी ने इस मुद्दे को लेकर हाई कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने दावा किया है कि राज्य में करीब 800 टीएमसी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा सकता है। इस संबंध में उन्होंने अदालत से हस्तक्षेप की मांग की है।

फिलहाल, सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नुसरत जहां ईडी के समन पर क्या कदम उठाती हैं और जांच के दौरान क्या नए खुलासे सामने आते हैं। आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।