हैदराबाद, तेलंगाना। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने रविवार को कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने भारत को ‘एक भारत’ और ‘अखंड भारत’ बनाने में निर्णायक भूमिका निभाई।
भारत भारती द्वारा सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के सिलसिले में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए, शेखावत ने कहा कि पटेल ने केवल भारत को विभाजित होने से नहीं बचाया बल्कि अपनी कूटनीति, बुद्धिमत्ता और साहस से अनेक राजपरिवारों को भारतीय संघ में समाहित कर देश को एकजुट किया।
उन्होंने कहा, “हम यहां सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती मना रहे हैं। यह केवल एक स्मरण समारोह नहीं है, बल्कि एक संकल्प लेने का अवसर भी है। यह मौका हमें उस महान व्यक्ति को श्रद्धांजलि देने का है, जिन्होंने न केवल भारत की स्वतंत्रता संग्राम में अपूर्व योगदान दिया बल्कि भारत ‘एक भारत’ और ‘अखंड भारत’ बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।”
सरदार पटेल की हैदराबाद के तत्कालीन राजपरिवार और 550 से अधिक रियासतों को भारतीय संघ में विलय कराने की भूमिका को याद करते हुए, शेखावत ने कहा, “अगर भारत की अखंडता में किसी एक व्यक्ति का योगदान है, तो वह सरदार वल्लभभाई पटेल हैं, और अगर किसी की निर्णायक भूमिका रही है तो वह भी सरदार पटेल का ही था।”
स्वतंत्र भारत के पहले गृह मंत्री के तौर पर सरदार पटेल को 550 राजपरिवारों को भारतीय संघ के साथ सफलतापूर्वक जोड़ने के लिए व्यापक रूप से जाना जाता है। उनकी दूरदर्शिता और दृढ़ संकल्प ने आज के भारत को एक मजबूत राष्ट्र के रूप में स्थापित किया।
सरदार पटेल का यह योगदान इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया है और उनकी विरासत आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्पद है। देश के एकीकरण के लिए उनके साहस और समर्पण को याद करते हुए कई कार्यक्रम और गतिविधियां पूरे देश में आयोजित की जा रही हैं।
शेखावत ने इसके अलावा सरदार पटेल के आदर्शों को वर्तमान समय में भी अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि देश के विकास और एकता के लिए उनकी राहों का अनुसरण करना आवश्यक है। उन्होंने युवा पीढ़ी से इस महान नेतृत्व को समझने और उनका अनुसरण करने का आह्वान किया।
सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन और उपलब्धियों के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए मंत्री ने कहा कि उनकी भूमिका न केवल आज के भारत के लिए, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी मार्गदर्शक है।
इस कार्यक्रम में विभिन्न गणमान्य नागरिक, युवा नेतागण, और सांस्कृतिक प्रतिनिधि भी मौजूद थे जिन्होंने सरदार पटेल के योगदान और उनके आदर्शों का सम्मान किया।
सरकार ने भी 150वीं जयंती के अवसर पर सरदार पटेल की विरासत को उजागर करने और युवाओं के बीच उन्हें पहचान दिलाने के लिए कई परियोजनाओं और अभियानों की शुरुआत की है, जिनमें उनके जीवन पर डॉक्यूमेंट्री, शिक्षण सामग्री, और सार्वजनिक व्याख्यान शामिल हैं।
सरदार पटेल का चरित्र और उनका राष्ट्रप्रेम सदैव भारतीय इतिहास के पन्नों में यादगार बना रहेगा, जिससे पूरे भारत देश को जोड़े रखने में मदद मिली।
