Children are now getting kidney stones: what needs to change to prevent this

बच्चों में अब किडनी स्टोन की बढ़ती समस्या: इसे रोकने के लिए क्या बदलाव आवश्यक

नई दिल्ली, भारत दुनियाभर में बच्चों में किडनी स्टोन की संख्या तेजी से बढ़ रही है। पहले यह समस्या मुख्यतः वयस्कों में देखी जाती थी, लेकिन अब कैल्शियम ऑक्सलेट स्टोन, जो पारंपरिक रूप से वयस्कों में पाए जाते थे, बच्चों में भी प्रमुखता से सामने आ रहे हैं। इस बदलाव ने विशेषज्ञों और चिकित्सकों के ध्यान को इस बात की ओर मोड़ा है कि बच्चों के जीवनशैली और खानपान में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं, जिनका असर उनके स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चों में किडनी स्टोन होने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। इनमें प्रमुख हैं गलत आहार, कम पानी पीना, और बढ़ती शारीरिक…

dainikdeshsandeshnews@gmail.com
New immunology lab inaugurated at Madras Medical Mission in Chennai

चेन्नई के मद्रास मेडिकल मिशन में नया इम्यूनोलॉजी लैब शुरू

चेन्नई, तमिलनाडु: मद्रास मेडिकल मिशन में एक नया और अत्याधुनिक इम्यूनोलॉजी लैब का उद्घाटन किया गया है, जो चिकित्सा जगत में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इस लैब का उद्देश्य इम्यूनोलॉजी की जांचों और शोध कार्यों को अधिक सटीक एवं प्रभावी बनाना है, जिससे रोगी देखभाल में सुधार आएगा। नई इम्यूनोलॉजी लैब में अत्याधुनिक तकनीक और उपकरणों की व्यवस्था की गई है जो विभिन्न प्रकार की इम्यूनोलॉजिकल बीमारियों की पहचान और प्रबंधन को आसान बनाएंगे। इस लैब के माध्यम से अस्थमा, एलर्जी, कैंसर, ऑटोइम्यून रोगों जैसे विभिन्न जटिल रोगों की जांच त्वरित और विश्वसनीय होगी। मद्रास मेडिकल मिशन के निदेशक ने बताया कि यह लैब न केवल स्थानीय…

dainikdeshsandeshnews@gmail.com
Hypertension during pregnancy remains major maternal health risk, experts say

गर्भावस्था में उच्च रक्तचाप बनी माओं के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी चुनौती: विशेषज्ञों की

नई दिल्ली, भारत – गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप माताओं और उनके बच्चों की सेहत के लिए एक गंभीर खतरा बना हुआ है। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित प्रसूति जांच, समय पर सही निदान और कड़ी निगरानी के जरिए इस बीमारी के गंभीर परिणामों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। डॉक्टरों के अनुसार, अगर गर्भावस्था के दौरान हाइपरटेन्शन की समस्या को नजरअंदाज किया जाए, तो इसके चलते प्रीक्लेमपसिया, झटके, स्ट्रोक, समय से पहले प्रसव और भ्रूण की विकास में बाधा जैसी गंभीर जटिलताएं सामने आ सकती हैं। इन समस्याओं से माताओं की जान को भी जोखिम हो सकता है जबकि बच्चों का स्वास्थ्य भी गम्भीर…

dainikdeshsandeshnews@gmail.com