
जमालपुर में तृणमूल उम्मीदवार का ताबड़तोड़ प्रचार, कई रैलियां और पथसभाएं आयोजित
पश्चिम बंगाल के जमालपुर क्षेत्र में चुनावी माहौल पूरी तरह गरमा चुका है। तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार भूतनाथ मलिक और ब्लॉक अध्यक्ष मेहेमुद खान ने दिनभर लगातार प्रचार करते हुए कई रैलियां और पथसभाएं आयोजित कीं। इस दौरान आझापुर, पांचड़ा और जमालपुर-1 क्षेत्र में बड़े स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाया गया।
आज के कार्यक्रम की शुरुआत आझापुर क्षेत्र से हुई, जहां केलेरी से मशाग्राम बाजार होते हुए सांचरा तक एक विशाल बाइक रैली निकाली गई। इस रैली में करीब 150 बाइक शामिल थीं, जो इलाके में चर्चा का केंद्र बन गई। रैली में स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं की भारी भागीदारी देखी गई।
इस बाइक रैली के दौरान दो महत्वपूर्ण पथसभाएं भी आयोजित की गईं, जिनमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। इस दौरान उम्मीदवार भूतनाथ मलिक ने लोगों से सीधे संवाद करते हुए राज्य सरकार की उपलब्धियों को सामने रखा और आगामी चुनाव में समर्थन की अपील की।
पांचड़ा क्षेत्र में भी प्रचार अभियान काफी जोरदार रहा। यहां सारंगपुर और धुलुक में दो अलग-अलग रैलियां निकाली गईं, जिनके बाद पथसभाएं आयोजित की गईं। धुलुक गांव में करीब 1000 कार्यकर्ता, समर्थक और आम नागरिक इस रैली में शामिल हुए, जो इस बात का संकेत देता है कि क्षेत्र में चुनावी उत्साह चरम पर है।
इस कार्यक्रम में महिला नेता कल्पना सांत्रा, पंचायत समिति की अध्यक्ष पूर्णिमा मलिक और अन्य स्थानीय नेताओं की भी सक्रिय उपस्थिति रही। उन्होंने भी लोगों को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस की नीतियों और योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
सारंगपुर में आयोजित रैली और पथसभा में भी बड़ी संख्या में लोग जुटे। यहां उम्मीदवार भूतनाथ मलिक के साथ क्षेत्रीय अध्यक्ष जयदेव दास, प्रधान विकास पाकड़े और उपप्रधान सावित्री टुडू सहित कई अन्य नेता मौजूद रहे।
इसके अलावा जमालपुर-1 क्षेत्र के बेत्रागढ़ और हराला गांव में भी अलग-अलग रैलियां और पथसभाएं आयोजित की गईं। इन रैलियों में ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजे के साथ कार्यकर्ताओं ने जोश के साथ हिस्सा लिया, जिससे पूरा इलाका चुनावी रंग में रंग गया।
ब्लॉक अध्यक्ष मेहेमुद खान ने अपने भाषण में राज्य की मुख्यमंत्री
ममता बनर्जी की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने सभी वर्गों के लोगों के लिए बिना भेदभाव के जनकल्याणकारी योजनाएं लागू की हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और चुनाव आयोग मिलकर ‘एसआईआर’ के नाम पर तृणमूल समर्थकों के नाम मतदाता सूची से हटाने की साजिश कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी दलों के लोग भी राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद राजनीतिक साजिशें जारी हैं। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देना होगा।
उन्होंने आगामी 29 अप्रैल को होने वाले मतदान का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी लोग ‘जोड़ाफूल’ चुनाव चिन्ह पर वोट देकर इसका विरोध दर्ज कराएं। उन्होंने विश्वास जताया कि जमालपुर से भूतनाथ मलिक की जीत निश्चित है।
वहीं उम्मीदवार भूतनाथ मलिक ने भी अपने संबोधन में केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि एसआईआर के नाम पर जो भी प्रक्रिया चल रही है, वह लोकतंत्र के खिलाफ है और इसकी वे कड़ी निंदा करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में राज्य में जो विकास हुआ है, उसका लाभ हर वर्ग तक पहुंचा है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे अपने विवेक से निर्णय लें और विकास के पक्ष में मतदान करें।
दिनभर चले इस व्यापक प्रचार अभियान में हर जगह लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। इससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि चुनाव को लेकर जनता में उत्साह है और आगामी मतदान को लेकर माहौल पूरी तरह तैयार है।
तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का मानना है कि जिस तरह से लोगों का समर्थन मिल रहा है, उससे यह तय है कि 29 अप्रैल को होने वाले चुनाव में जनता उनके पक्ष में ही फैसला सुनाएगी।
